

दमोह। श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान व आचार्य श्री विद्यासागर जी आचार्य श्री समयसागर जी के आशीर्वाद एवं तीर्थ चक्रवर्ती श्री सुधासागर जी की पावन प्रेरणा से श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर दमोह नगर में गति पर है। णमो लोए सव्व साहूणं अर्थात् इस लोक के सभी साधुओं को नमस्कार हो। इस ध्येय वाक्य के साथ स्वाध्याय में तल्लीन श्रावक सत्संगति और स्वाध्याय में मग्न हैं। 31 मंदिरों के 13 केंद्रों पर अध्ययन कर रहे आबाल वृद्ध जन 15 जून को आयोजित परीक्षा में भी भाग लेंगे। यहां पर विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास के लिए दर्शन, धर्म, साहित्य, भक्ति, सिद्धांत, कला जैसे नृत्य, चित्रकला, मंडला आर्ट, अभिनय आदि सिखाया जा रहा है। शिविर में देश के विभिन्न प्रांतों से आए विद्वान् यहां अध्ययन करा रहे हैं। सभी कक्षाओं में निशुल्क साहित्य कॉपी पेन आदि का वितरण हुआ है। निशुल्क स्वल्पाहार एवं विभिन्न। मनोवैज्ञानिक गतिविधियां चल रही है। जिससे पाठकों का मन तंदरुस्त हो रहा है। शिविर के सभी केंद्रों का समापन मानस भवन में 15 जून की रात्रि को सम्पन्न होगा। अध्ययन का मुख्य केंद्र श्री सिंघई मंदिर के साथ वसुंधरानगर मंदिर, नेमीनगर मंदिर, जबलपुर नाका मंदिर बड़ा मंदिर, भाई जी मंदिर में यह कार्य चल रहा है। दमोह ग्रामीण में हटा, जबेरा, तेंदूखेड़ा, अभाना, बनवार आदि में यह ज्ञान यज्ञ चल रहा है। शिविर प्रभारी डॉ प्रदीप जी के निर्देशन एवं अरविंद इटोरिया की अध्यक्षता में 13 केंद्रों पर लगन और उत्साह से स्वाध्याय का आनंद लिया जा रहा है। स्थानीय मंदिर कमेटिया इसे दिशा दे रही हैं और आयोजन को भव्य बना रहे हैं। श्री दिंगबर जैन पंचायत दमोह इसमें समर्पित है एवं जैन मिलन, महा समिति आदि सहयोग कर रहे हैं।
