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लंदन। दुनिया की आबादी 8 अरब के पार पहुंच गई है और एक अनुमान के मुताबिक धरती पर फिलहाल 300 से ज्यादा धर्म हैं। हालांकि इन 8 अरब में से एक चौथाई यानी करीब 2 अरब लोग किसी भी धर्म में यकीन नहीं रखते हैं। यह आंकड़े हाल ही में एक रिपोर्ट में सामने आए हैं। रिपोर्ट में 2010 से 2020 तक दुनिया की आबादी और लोगों के धर्म से जुड़े आंकड़ों में बदलावों पर जोर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी धर्म को ना मानने वाले लोगों की संख्या 27 करोड़ से बढ़कर करीब 2 अरब हो गई है। यह धरती की कुल आबादी का एक चौथाई हिस्सा है। ईसाई और मुस्लिम धर्म के लोगों के बाद दुनिया में इसतरह के लोगों की संख्या सबसे अधिक है जिन लोगों का कोई धार्मिक जुड़ाव नहीं है।
दरअसल किसी भी धर्म को ना मानने वालों को नोनेस कहा जाता है। इन लोगों ने सर्वेक्षण के दौरान बताया कि उनका कोई धर्म नहीं है या वे नास्तिक हैं। 2010 और 2020 के बीच इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके कई कारण हो सकते हैं। धर्म से संबंध ना रखने वाले लोगों का जन्म और पालन-पोषण अक्सर किसी धर्म के साथ ही होता है। हालांकि वयस्क होने पर लोग उससे अपनी पहचान से नहीं जोड़ना चाहते। यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी देशों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में इस तरह की विचारधारा आम है।
यह जरूरी नहीं कि किसी धर्म से खुद को ना जोड़ने लोग धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं को भी ना मानते हों। रिसर्च से पता चलता है कि कई लोग जो किसी धार्मिक समूह से संबंधित नहीं हैं, वे अब भी कई धार्मिक या आध्यात्मिक मान्यताओं को मानते हैं और धार्मिक आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग भी लेते हैं।

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