
तेहरान। इजरायल-ईरान के बीच बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे जा रहे हैं। इजरायल के हमले का ईरान ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। इजरायल-ईरान जंग की कई भयावह तस्वीरें सोशल मीडिया पर आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि ईरान ने इजरायल काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। इसी दौरान ईरानी मीडिया ने दावा किया हाइफ़ा में एक तेल रिफाइनरी पर कई बैलिस्टिक मिसाइल हमले हुए। आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, इस रिफायनरी को काफी नुकसान हुआ है, मगर ये अभी वर्किंग है।
इधर, तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज ने जानकारी दी है कि को दी गई नियामक फाइलिंग के अनुसार, इज़राइल की तेल रिफाइनरियों ने कहा कि ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों से हाइफ़ा में इसकी पाइपलाइन और ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसने कहा कि साइट पर किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है, कुछ डाउनस्ट्रीम संचालन बंद होने के बावजूद रिफाइनिंग सुविधाएँ चालू हैं। इसने कहा कि यह अपने संचालन पर नुकसान के प्रभाव और अपने वित्तीय परिणामों पर पड़ने वाले प्रभावों की जांच कर रहा है। इजराइल और ईरान 14 जून 2025 को युद्ध शुरू हुआ था। देशों के बीच सीधी सैन्य टक्कर और तेज हो गया है। ईरान ने इजराइल के प्रमुख बंदरगाह शहर हाइफा पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें हाइफा की तेल रिफायनरी (बजान ऑयल रिफायनरी) को निशाना बनाया गया।
14 जून 2025 की रात को, ईरान ने हाइफा पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से कुछ ने हाइफा की तेल रिफायनरी को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार, रिफायनरी की पाइपलाइनों और ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचा, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। रिफायनरी का मुख्य हिस्सा अभी भी काम कर रहा है, लेकिन कुछ सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। इस हमले में हाइफा के पास तमरा शहर में एक मकान पर मिसाइल गिरने से चार लोगों की मौत हुई, जिसमें एक मां और उसकी दो बेटियां शामिल थीं। हाइफा, इजराइल का एक प्रमुख बंदरगाह और औद्योगिक केंद्र है, जहां न केवल तेल रिफायनरी बल्कि नौसैनिक अड्डा और रासायनिक संयंत्र भी हैं। एनडीटीवी की एक खबर के अनुसार, हाइफा इजराइल के 30 प्रतिशत आयात के लिए महत्वपूर्ण है, और रिफायनरी देश की सबसे बड़ी तेल शोधन इकाई है। इस हमले ने रिफायनरी के संचालन को प्रभावित किया है, जिससे तेल आपूर्ति और पर्यावरणीय जोखिमों की चिंता बढ़ गई है।
हाइफा रिफायनरी इजराइल की ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल इजराइल की तेल जरूरतों को पूरा करती है, बल्कि निर्यात के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमले से रिफायनरी के संचालन में रुकावट आई है, जिससे तेल की कीमतों में 1प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई है, क्योंकि मध्य पूर्व एक प्रमुख ऊर्जा केंद्र है। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से, रिफायनरी पर हमला हाइफा के घनी आबादी वाले क्षेत्र के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
