फायरिंग करने वाला शख्स खुद को मानता था ईसा मसीह

वाशिंगटन। अमेरिका में व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार शाम को हुई गोलीबारी के आरोपी को सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई में मार गिराया है। फायरिंग के दौरान सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने हमलावर पर गोलियां चलाईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, पिछली गिरफ्तारियों के दौरान उसने खुद को ईसा मसीह बताने और गिरफ्तार होने की इच्छा जैसे अजीबोगरीब बयान दिए थे। अधिकारियों ने इस घटना के पीछे किसी भी तरह के राजनीतिक मकसद का संकेत नहीं दिया है, फिर भी अमेरिकी राजनीतिक क्षेत्र के सभी प्रमुख नेताओं ने इस घटना के बाद राजनीतिक हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है।
घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे, जिसके बाद इसे उनकी सुरक्षा में एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है। एहतियात के तौर पर फिलहाल व्हाइट हाउस परिसर की सुरक्षा को काफी कड़ा कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, व्हाइट हाउस के बाहर सीक्रेट सर्विस चेकप्वाइंट पर गोलीबारी करने वाले बंदूकधारी की पहचान मैरीलैंड के 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है। हमलावर ने आइजनहावर कार्यकारी कार्यालय भवन के पास, 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू के चौराहे पर व्हाइट हाउस परिसर के बेहद नजदीक लगभग 30 गोलियां चलाईं। सुरक्षा एजेंसी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सुरक्षा चौकी पर हमलावर द्वारा एजेंटों पर अचानक गोलीबारी शुरू करने के बाद अधिकारियों ने रक्षा में कदम उठाया और जवाबी फायरिंग की।
इस हमले के पीछे का मुख्य मकसद अभी तक आधिकारिक तौर पर साफ नहीं हो सका है, लेकिन शुरुआती जांच के आधार पर माना जा रहा है कि नासिर बेस्ट मानसिक रूप से विक्षिप्त था। वह पहले भी व्हाइट हाउस की सुरक्षा चौकियों के आसपास संदिग्ध रूप से मंडराने और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगाने वाले अदालती आदेश का उल्लंघन करने के कारण अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की रडार पर था। इससे पहले वर्ष 2025 में जून और जुलाई के दौरान उसे वाहनों के आवागमन में बाधा डालने और प्रतिबंधित पैदल यात्री नियंत्रण बिंदु को दरकिनार कर निकास द्वार से अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोपों में गिरफ्तार किया जा चुका था।
