10 लाख रुपए की रंगदारी नहीं मिलने पर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से प्लांट को आग के हवाले कर दिया

बालाघाट। लामता क्षेत्र के राघोटोला में माइक्रो इरिगेशन प्लांट में आगजनी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी भाजपा नेता व जनपद पंचायत के निर्माण सभापति भुवनेश्वर रजक, परतापुर सरपंच राजेश सिरसाम व राकेश दमाहे की तीन दिन की पुलिस रिमाण्ड सोमवार को समाप्त हो गई। तीनों ही आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार 10 लाख रुपए की रंगदारी नहीं मिलने पर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से प्लांट को आग के हवाले कर दिया, जिससे करीब 5 करोड़ रुपए की संपत्ति जलकर खाक हो गई। इस मामले की शिकायत अतुल बघेले द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार घटना के दिन ग्राम परतापुर के सरपंच राजेश सिरसाम, जनपद सदस्य भुवनेश्वर रजक और राकेश दमाहे 7-8 साथियों के साथ कार क्रमांक एमपी 50 जेडएच 7605 से और उनके साथ लगभग 7-8 अन्य व्यक्ति बाइक से प्लांट पहुंचे थे। राकेश के हाथ में पेट्रोल से भरी केन थी। आरोप है कि पहुंचते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर प्रोजेक्ट मैनेजर से 10 लाख रुपए की मांग की। मांग ठुकराए जाने पर आरोपी उग्र हो गए। राकेश दमाहे ने प्लांट में रखी सामग्री पर पेट्रोल छिडक़ दिया, जबकि भुवनेश्वर रजक ने शिकायतकर्ता पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। इसी दौरान सरपंच राजेश सिरसाम ने माचिस जलाकर आग लगा दी, जिससे शिकायतकर्ता के हाथ झुलस गए। घटना से घबराकर प्रोजेक्ट मैनेजर और अन्य कर्मचारी जान बचाकर मौके से भाग निकले। इसके बाद आरोपियों ने प्लांट परिसर में तोडफ़ोड़ कर आगजनी की, जिससे वहां रखे महंगे उपकरण और सामग्री जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
