
पिता पर मां की हत्या का आरोप, पुलिस पर भी अनदेखी के आरोप….. भाई-बहन ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
बालाघाट। मां की मौत का राज, पिता की कथित क्रूरता और लगातार मिल रही धमकियों के बीच जी रहे भाई-बहन आखिरकार चुप्पी तोडकऱ न्याय की चौखट पर पहुंचे। उनकी आपबीती ने न केवल प्रशासन को झकझोरा, बल्कि पारिवारिक रिश्तों की भयावह तस्वीर भी सामने ला दी।
परसवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम भिमोड़ी निवासी साकेत बघेल अपनी छोटी बहन के साथ मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और अपने ही पिता संतोष बघेल पर हत्या, प्रताडऩा और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।
साकेत ने बताया कि उनके पिता दूसरी शादी करना चाहते हैं और इसी कारण उन्हें और उनकी बहन को घर से निकाल दिया गया। आरोप है कि पिता, बुआ और फूफा ने मिलकर दोनों भाई-बहन को प्रताडि़त किया और उन्हें बेघर कर दिया। फिलहाल वे परसवाड़ा में रह रहे हैं, लेकिन वहां भी उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिता और फूफा आए दिन उनके पास पहुंचकर गैरेज तोडऩे की धमकी देते हैं और उन्हें अपनी औलाद मानने से इंकार करते हैं। इससे दोनों भाई-बहन भय के साए में जीने को मजबूर हैं।
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब साकेत ने अपनी मां प्रेमलता बघेल की मौत को लेकर चौंकाने वाले आरोप लगाए। उनके अनुसार, मार्च 2021 में पिता, उनकी बहनों और फूफा ने मिलकर मां के साथ मारपीट की और कथित तौर पर उन्हें कुएं में फेंककर हत्या कर दी। साकेत का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें और उनकी छोटी बहन को डराकर चुप करा दिया गया। बहन की गर्दन पर हंसिया रखकर जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके कारण वे लंबे समय तक सच्चाई सामने नहीं ला सके।
उन्होंने यह भी बताया कि मार्च माह में एक बार फिर उन्हें घर से निकाल दिया गया और तब से लगातार उनका उत्पीडऩ किया जा रहा है। साकेत ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। न्याय की आस में जनसुनवाई पहुंचे भाई-बहन ने प्रशासन से सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
