न्यायालय ने सुनाई 4 वर्ष की कठोर कैद

दमोह ! न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दमोह श्री संतोष कुमार गुप्ता ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किश्त 40000 रूपये के ऐवज में रिश्वत मांगने वाले रिश्वतखोर रोजगार सहायक को चार साल के सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया है!
अभियोजन के अनुसार दिनांक 21.06.2017 को रमेश कुर्मी, निवासी ग्राम रसीलपुर, जिला दमोह द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किश्त के भुगतान हेतु ग्राम रोजगार सहायक संतोष कुमार विश्वकर्मा द्वारा 10,000 की रिश्वत मांगी जा रही है। पूर्व में दो किश्तों के लिए आरोपी 10,000 की रिश्वत ले चुका था। शिकायत की पुष्टि के उपरांत दिनांक 24.06.2017 को लोकायुक्त पुलिस सागर द्वारा ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी ने 5,000 की रिश्वत ली जाकर सह आरोपी रूपनारायण पटेल को दे दी गई थी।
विवेचना में संकलित भौतिक, मौखिक एवं इलेक्ट्रानिक अभिलेखीय साक्ष्य के आधार पर आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय पेश किया गया।
मामले में दस्तावेजी साक्ष्य एवं मौखिक साक्ष्य व अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्को से सहमत होकर न्यायालय द्वारा दिनाँक 17/06/2025 को पारित निर्णय में आरोपी संतोष कुमार विश्वकर्मा पिता ढाकन प्रसाद विश्वकर्मा उम्र 35 वर्ष तत्कालीन रोजगार सहायक ग्राम पंचायत रसीलपुर जनपद पंचायत हटा जिला दमोह को दोषसिद्ध पाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन -2018 ) की धारा धारा 13(1)बी सहपठित धारा 13(2)में दोषसिद्ध करते हुए 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री अनंत सिंह ठाकुर द्वारा सहायक निदेशक अभियोजन श्री धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में की गई एवं प्रकरण में विवेचना निरीक्षक श्री संतोष जामरा द्वारा की गई एवं सहायक ग्रेड तीन श्री विनय नामदेव द्वारा आवश्यक सहयोग किया गया।
