
एक साथ चलेगी दोहरे आजीवन कारावास की सजा
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायदृष्टांत की रोशनी में दोहरे आजीवन कारावास की सजा एक साथ चलाए जाने का अादेश पारित कर दिया। मामला फिरौती के लिए बालक का अपहरण किए जाने से संबंधित था। सेशन कोर्ट द्वारा दोहरी सजाएं सुनाई गई थीं। जिसे हाई कोर्ट में अपील के जरिए चुनौती दी गई थी।
दरअसल, अपीलकर्ता छिंदवाड़ा निवासी शेष इरफान उर्फ छोटी व सह आरोपित हर्षलता उर्फ मुस्कान पर आठ वर्ष के बालक के अपहरण का आरोप लगा था। दोनों ने एक लाख रुपये की फिरौती मिलने पर बालक को छोड़ दिया था। सेशन कोर्ट ने अपहरण व अपहरण की साजिश रचने के आरोप में दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। आदेश में दोनों सजाएं अलग-अलग चलाने की व्यवस्था दी गई थी। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट का आदेश संशोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रकाश में आजीवन कारावास की दोनों सजाएं एक साथ चलाने की व्यवस्था दे दी।
