
ज्वाइंट वेंचर में जमीन बेचने के नाम पर इंदौर के कारोबारी को लगाई थी चपत
भोपाल। परवलिया सड़क पुलिस ने 9 महीनो से फरार चल रहे शातिर जालसाज को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कोहेफिजा थाने का निगरानी बदमाश है, और उस पर लूटपाट, डकैती, हत्या के प्रयास, अड़ीबाजी सहित 37 अपराध दर्ज है, जिनमें 15 मामले में धोखाधड़ी और ठगी के हैं। उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। आरोपी ने 90 लाख रुपए एकड़ का सौदा करने के बाद 24 एकड़ जमीन ज्वाइंट वेंचर में बेचने का कहकर इंदौर के कारोबारी को एक करोड़ की चपत लगाई थी। पुलिस के अनुसार महालक्ष्मी नगर, इंदौर निवासी महेंद्र दिवाकर ने बीती 26 सितंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था की सुरेन्द्र कुमार मिहानी (58) निवासी इंद्र विहार कॉलोनी कोहफिजा ने सितंबर-2024 में बिल्डर महेंद्र दिवाकर से एक सौदा करते हुए बताया की उसके पास ग्राम मोरगा में 28 एकड़ जमीन है, जिस पर बड़ा प्रोजेक्ट हो सकता है। बातचीत के बाद प्रति एकड़ 90 लाख रुपए का सौदा तय हुआ। बिल्डर से एडवांस में 1 करोड़ रुपए ले लिये। जानकारी जुटाने पर फरियादी को पता चला कि आरोपी की 20 एकड़ ही जमीन है, जबकि उसने दूसरों की 8 एकड़ जमीन भी अपनी बताई थी। इस जमीन को ज्वाइंट वेंचर बताकर एग्रीमेंट करा लिया गया। इधर 1 करोड की रकम हाथ लगने के बाद आरोपी सुरेंद्र मिहानी ने कारोबारी महेंद्र दिवाकर से दूरी बना ली। उसने न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न काफी कहने के बाद एक करोड़ रुपए वापस लौटाए। आरोपी ने अपना मोबाइल बंद किया और ठिकाना भी बदल लिया। महेंद्र दिवाकर की शिकायत पर परविलया पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मामला दर्ज किया था। काफी प्रयासो के बाद भी आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलते हुए पुलिस को गुमराह कर फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर एसपी देहात ने पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इधर रकम हाथ लगने के बाद आरोपी दो से तीन बार खाटू श्याम के दर्शन करने गया था। उसने खाटूश्याम, उज्जैन और जबलपुर में फरारी काटी। उसकी लगातार तलाश में जुटी टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि किसी पुराने मामले में आरोपी भोपाल कोर्ट पेशी पर आया है, इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
