
भोपाल। राजधानी की जिला अदालत में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल की कोर्ट ने साल 2020 में सौतेले पिता द्वारा 10 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म किये जाने की घटना में आरोपी सौतेले पिता को 20 साल की सजा सुनाई है। घटना के समय पीड़िता चौथी कक्षा में पढ़ती थी। उसके भविष्य को देखते हुए कोर्ट ने पीड़िता को 4 लाख रुपए की प्रतिकार राशि भी दिलाई है। इस मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला और ज्योति कुजूर ने पैरवी की है। जानकारी के अनुसार पीड़िता किशोरी की मॉ को उसका पहला पति छोड़कर चला गया था। इसके बाद सहारे और अपनी मासूम पीड़िता बेटी के अच्छे भविष्य के लिए पीड़िता की मां ने दूसरी शादी की थी। मिली जानकारी के अुनसार पीड़िता की मॉ गढ़कोटा सागर की मूल निवासी है। पहले पति से उसका तलाक हो चुका था, जिससे महिला की एक लड़की है, जो उस सयम 10 साल की थी, ओर निजी स्कूल से चौथी कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। महिला ने पुलिस को बताया था की भोपाल की पंचवटी कॉलोनी में रहने वाले आरोपी से महिला ने दूसरा विवाह किया था। घटना के समय महिला आरोपी की पंचवटी कॉलोनी में स्थित झुग्गी में उसके साथ रह रही थी। आरोपी मजदूरी का काम करता है। वहीं महिला बंगलो में साफ-सफाई का काम करने जाती है। वह रोजाना दिन के 12 बजे काम पर चली जाती थी और शाम 5 बजे आती थी। उस समय लॉकडाउन लगा होने के चलते उसका सौतेला पिता घर पर ही रहता था। 6 मई 2020 पीड़िता की मॉ अपने काम पर गई थी, तब अकेलेपन का फायदा उठाकर आरोपी सौतेले पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे और उसकी मॉ को जहर देकर मार डालने की धमकी देता था। उसकी धमकी के डर से पीड़िता चुप रही तब आरोपी उसे मारने की धमकी देकर कई बार अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। परेशान होकर किशोरी ने मॉ को आरोपी सौतेले पिता की करतूत बताई। जानकारी लगने पर महिला बेटी को लेकर थाने जा पहुचीं। आरोपी के खिलाफ बलात्कार, पास्को एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जॉच के बाद चालान कोर्ट में पेश किया था। सूनवाई के दौरान अभियोजन की और से पेश किये गये साक्ष्यो, मेडिकल रिर्पोट सहित अन्य बिदुंओ के आधार पर कोर्ट ने सौतेले पिता को दोषी करार देते हुए सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है।
