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क्लब मैनेजर, जिम संचालक, डिप्रेशन के डॉक्टर भी क्राइम ब्रांच की राडार पर
भोपाल। राजधानी की क्राइम ब्रांच टीम ने एमडी ड्रग्स की तस्करी करने वाले दो तस्करो को गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लब, पार्टियो में एमडी पाउडर की सप्लाई करते थे। अफसरो के मुताबिक जॉच के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए है, जिसमें युवक-युवतियो को नशे की लत लगाने के ऐसे तरीके सामने आये है, जिससे युवा नशे के जाल में फंस जाते है, और उन्हें पता भी नहीं चलता। नशे की लत के ऐसे छिपे हुए तरीके अपनाने वाले पार्टी आर्गनाइजर, जिम संचालक और मैनेजर के साथ ही डिप्रशन का इलाज करने वाले डॉक्टर भी क्राइम ब्रांच की राडार पर है। इन सभी के द्वारा अपने पेशे की आड़ में युवाओ को नशे की लत लगाई जा रही है। क्राइम ब्रांच एडीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना पर सब्जी मंडी टीन शेड के पास थाना गोविन्दपुरा से दो संदिग्ध युवको को उस समय घेराबंदी कर पकड़ा जब वह स्कूटी लेकर वहॉ खड़े किसी का इंतेजार कर रहे थे। टीम को सूचना मिली थी की दोनो युवक एमडी ड्रग्स की डिलेवरी देने के लिये आये है। पूछताछ में उनकी पहचान सैफुद्दीन पिता रफीकउद्दीन (28) निवासी भोईपुरा, बुधवारा और आशू उर्फ शाहरूख पिता नजमुल हसन (28) निवासी बागफरत अफजा, ऐशबाग के रुप में हुई। दोनो की तलाशी लेने पर उनके पास 15.14 ग्राम एमडी ड्रग्स और मोबाइल फोन मिला । पुलिस ने एमडी पाउडर, मोबाइल, दो पहिया वाहन सहित 3 लाख का मामल जप्त करते हुए उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट का मामला कायम कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सैफुद्दीन थाना क्राइम ब्रांच के एक मामले में फरार चल रहा था,उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार का ईनाम घोषित था।

इस साल पकडा़ये नशे के सौदागरो से ड्रग्स की लत लगाने के हुए हैरतअंगेज खुलासे
अधिकारियो के अनुसार आगे की पूछताछ में कई ऐसे खुलासे हुए जिसे सुनकर नशीले तस्करो की तलाश में दिन रात जुटी पुलिस भी हैरान रह गई। अधिकारियो के अनुसार साल 2025 में थाना क्राइम ब्रांच द्वारा 5 आरोपियों को दबोचकर 40 ग्राम एमडी पाउडर जप्त किया गया है। छानबीन में सामने आया है, नए पार्टी कल्चर के नाम पर युवाओ को नशे की लत लगाई जा रही है। एमडी ड्रग्स तस्करी करने वाले आरोपी क्लब, पार्टियों में इसे सप्लाई करते थे। इन पार्टियो में जोड़ने के लिए अच्छी जॉब और मोटी सैलरी का लालच दिया जाता है। और शहर के नौकरी पेशा लोगो सहित महत्वाकांक्षी ग्रामीण लड़कियां भी ऐसे पार्टी क्लब से जुड़ी है। पुलिस ऐसे क्लबो पर रखी कड़ी नजर बनाये हुए है, और क्लब संचालक,मैनेजर की संलिप्तता की जांच जा रही है, जॉच के आधार पर उनके लायसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। इतना ही नहीं जिम में वजन घटाने के नाम पर भी ड्रग्स को फायदेमंद, फिटनेस के नाम युवाओं को ड्रग्स की शुरुआत कराई जाती है। वहीं डिप्रेशन के डॉक्टर द्वारा भी मरीज को इलाज के नाम पर गुमराह करते हुए ड्रग्स का आदि बनाया जा रहा है। टीम ऐसे अन्य सदिंग्धो पर भी लगातार निगाह रखे हुए है। पार्टियों में पहले मंहगा ड्रग्स मुफ्त में दिया जाता है, लत लगने के बाद इसकी मोटी कीमत वसूली जाती है। इसके बाद चैन नशा करने वाले युवक-युवतियो मार्केटिंग की तरह अन्य लोगो को इसमें जोड़ते हैं, जिससे वह खुद के नशे का खर्चा निकल सकें। ऐसी पार्टी में बुलाने के लिए लड़कियों को ड्रग्स फ्री मिलता है, वहीं लड़कियों की पार्टी के आकर्षण के चलते नए युवा भी उसमें जुड़ने लगते है। काईम ब्रांच ने नशे के सौदागरो की गिरफ्तारियां करने के साथ ही नशे की गिरफ्त में आये कई लड़के-लड़कियों को इलाज के लिये नशामुक्ति केंद्र पहुंचाया है।

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