
शासकीय वाहन छोडक़र भागकर बचाई जान, बमोरी थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला
गुना। जिले के बमोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों द्वारा हमला करने और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीट सारेठा में पदस्थ वनरक्षक उपेन्द्र सिंह रघुवंशी द्वारा थाना बमोरी में दिए गए आवेदन के आधार पर प्रतापसिंह धाकड़, रघुवर धाकड़ और प्रद्युम्न धाकड़, निवासी ग्राम बांसखेड़ी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के साथ-साथ शासकीय वन भूमि पर अतिक्रमण करने, गाली-गलौज करने और हमला करने का गंभीर आरोप है। वनरक्षक उपेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्रतापसिंह धाकड़ द्वारा बीट सारेठा के जंगल क्षेत्र में ट्रैक्टर चलाकर अवैध रूप से अतिक्रमण किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वे रात करीब 10 बजे वन चौकी पाटन से वनपाल प्रभात कुमार बाजपेयी, वनरक्षक शैलेन्द्र रघुवंशी और धर्मराज रघुवंशी के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर एक ट्रैक्टर शासकीय वन भूमि पर कार्यरत मिला। जैसे ही वन विभाग की टीम ट्रैक्टर के पास पहुंची, ट्रैक्टर चालक प्रताप सिंह धाकड़ वाहन को लेकर भागने लगा। टीम ने उसका पीछा किया और ग्राम बांसखेड़ी के पास रोका, तभी आरोपियों ने आक्रोशित होकर पूरी वन टीम पर हमला कर दिया।
आवेदन के अनुसार प्रताप सिंह, रघुवर और प्रद्युम्न धाकड़ ने मिलकर सरकारी कर्मचारियों को गालियाँ दीं। जब टीम ने उन्हें रोका तो तीनों आरोपियों ने डंडे और पत्थरों से हमला कर दिया। प्रतापसिंह ने स्पष्ट धमकी दी कि अगर उसके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो वह वनकर्मियों को जान से मार देगा। स्थिति बिगड़ती देख वन विभाग के कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा के लिए वाहन वहीं छोडक़र मौके से भागने में ही अपनी जान बचाई। वनरक्षक उपेन्द्र ने तुरंत 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और वन विभाग की छोड़ी हुई गाड़ी को बरामद किया। इसके बाद वन चौकी पाटन पर आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध पंजीबद्ध किया गया। बमोरी पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा की धारा 132 के अलावा 221, 296, 351(3) और 131 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
