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13 अगस्त तक जांच रिपोर्ट दे एसआईटी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई है। कारण है कि उन्होंने भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और अब तक उसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी। मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मंत्री विजय शाह का व्यवहार संदेह पैदा करता है कि क्या उन्होंने जानबूझकर यह टिप्पणी की थी और अब माफी न मांगकर अपनी गलती नहीं मान रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इससे मंत्री की नीयत और ईमानदारी पर सवाल उठते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को लेकर भाजपा मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शाह के मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को निष्ठाहीन बताते हुए खारिज कर दिया। यह देखते हुए कि अपने माफीनामे वाले वीडियो में शाह ने जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- वह आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएं। आपकी वह सार्वजनिक माफी कहां है? हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। साथ ही मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वह 13 अगस्त तक जांच पूरी करे और रिपोर्ट अदालत में पेश करे। कोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस मामले में तेजी लाई जाए और उचित कदम उठाए जाएं। बता दें कि यह मामला तब शुरू हुआ जब मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान दिया था। इस बयान को सेना की गरिमा के खिलाफ माना गया और इस पर काफी बवाल भी हुआ। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि सेना और उसके अधिकारियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में अब सभी की नजर एसआईटी की रिपोर्ट पर है, जो 13 अगस्त तक कोर्ट में दाखिल की जानी है। यदि जांच में मंत्री की गलती पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

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