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तीन मारे गए, एक की तलाश जारी
नई दिल्ली। श्रीनगर जिले के बाहरी इलाके में मौजूद लिदवास के जंगलों में सोमवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। सेना ने कार्रवाई को ‘ऑपरेशन महादेव’ का नाम दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सेना को लिदवास क्षेत्र के घने जंगलों में चार आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। वहीं अब तक की कार्रवाई में तीन आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि एक अन्य की तलाश जारी है।
भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स ने ऑपरेशन महादेव की जानकारी देते हुए बताया कि भीषण मुठभेड़ में 3 आतंकियों को मार गिराया गया। सेना ने बताया कि ऑपरेशन महादेव अभी जारी है। मारे गए आतंकियों के पास भारी मात्रा में हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं। बताया जा रहा हैं कि इन मारे गए आतंकियों का पहलगाम आतंकी हमले से कनेक्शन हो सकता है। दरअसल कु़छ दिनों पहले ही नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (एनआईए) ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था, इन दोनों लोगों से मिले इनपुट के बाद सेना ने ऑपरेशन महादेव किया था।
दरअसल सेना ने डाचीगांव इलाके में एक संदिग्ध आंतकी कम्युनिकेशन पकड़ा था। शक था कि इस कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल करने वाले का पहलगाम हमले से संबंध हो सकता है। इसके बाद सेना की कई टुकड़ियों को उस इलाके में तैनात किया गया और तब से वे इलाके में सर्च ऑपरेशन और निगरानी कर रही थीं सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा की एक टीम ने आतंकियों के एक ग्रुप को घेरा। सेना से खुद को घिरा हुआ देखकर आतंकियों ने गोलीबारी कर दी, इसके बाद सेना की जवाबी फायरिंग में 3 आतंकी मारे गए। हालांकि अभी पक्के तौर पर यह नहीं कह सकते ये वहीं आंतकी हैं।
पहलगाम के बैसरण घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने हमला किया। इन आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी थी। हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जिसमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी शुरुआत में द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी, जो पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का एक मोर्चा माना जाता है। हालांकि बाद में आंतकी संगठन हमले में हाथ से इंकार किया था।

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