
जबलपुर। कुटुंब न्यायालय जबलपुर आय छिपाकर लिया भरण-पोषण का आदेश अपास्त कर दिया।रांझी निवासी मोनिका भाटिया ने अपने पति प्रकाश भाटिया के खिलाफ भरण-पोषण की राशि प्राप्त करने हेतु याचिका दायर की थी। याचिका में अपने को अपने पति पर आश्रित होने का कथन करते हुए पति पर दहेज प्रताड़ना एवं शराब पीकर मारने के आरोप लगाये गये थे तथा पति द्वारा उसे तथा पुत्र को प्रताड़ित कर घर से निकालने के कारण बहन के घर आश्रय लेने के कथन किये गये थे। मोनिका भाटिया ने पति के द्वारा व्यवसायी होते हुए प्रतिमाह रुपये 70,000/- कमाने के कथन किये थे। पति ने कुटुंब न्यायालय में अपना जवाब पेश करते हुये स्वयं के द्वारा प्रायवेट जॉब कर प्रतिमाह रुपये 9,000/- कमाने के कथन किये थे साथ ही न्यायालय को यह भी बताया था कि उसकी पत्नी ने स्वयं घर में तोड़-फोड़ की है और पूरे परिवार को दहेज प्रताड़ना के केस में फंसाया है, पत्नी के द्वारा शोरूम में कार्य करने के कथन किये थे। कुटुंब न्यायालय जबलपुर ने पति की आय का निर्धारण करते हुए प्रतिमाह रुपये 8,000/- भरण-पोषण राशि आवेदन दिनांक से अदा करने के आदेश दिए थे। पति प्रकाश भाटिया ने अपनी पत्नी की आय का बैंक एकाउंट तथा तलाक के केस में दिये गये जवाब जिसमें प्रायवेट जॉब करने का उल्लेख है प्रस्तुत कर कुटुंब न्यायालय जबलपुर से निवेदन किया कि उक्त तथ्यों के प्रकाश में आदेशित भरण-पोषण की राशि को निरस्त किया जावे क्यों उसकी पत्नी मोनिका भाटिया ने अपनी आय छिपाकर माननीय न्यायालय को गुमराह कर आदेश प्राप्त किया है। कुटुंब न्यायालय जबलपुर ने पति प्रकाश भाटिया के आवेदन पत्र तथा प्रमाणों पर भरोसा कर पत्नी को दिलाये गये रुपये 8,000/- प्रतिमाह के आदेश को अपास्त कर दिया है। पति प्रकाश भाटिया की ओर से राजेन्द्र गुप्ता, शहनाज खान, गुरु साहू, रुचिरा गुप्ता ने पैरवी की है।
