
परोपकार, शिक्षा और नैतिकता ने उन्हें एक महान इंसान बना दिया
नई दिल्ली। उद्योगपति रतन टाटा दुनिया को अलविदा कह गए। रतन टाटा ने देश में अपनी सादगी से अलग ही पहचान बनाई थी। रतन टाटा को अपने जीवन में कई सम्मान मिले थे। रतन टाटा को साल 2000 में भारत सरकार ने पद्मभूषण से सम्मानित किया था। 2008 में उन्हें पद्मविभूषण से नवाजा गया। इसके अलावा उन्हें महाराष्ट्र सरकार ने 2023 में उद्योग रत्न अवार्ड देकर सम्मानित किया था। रतन टाटा को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। हालांकि, अभी तक रतन टाटा को देश का सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान नहीं मिला था।
रतन टाटा को 2000 पद्म भूषण भारत सरकार, 2004 मेडल ऑफ द ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुगुवे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस, 2008 पद्म विभूष भारत सरकार, 2008 में ही ओनररी डॉक्टर ऑफ लॉ यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज 2008 ओनररी डॉक्टर ऑफ साइंस आईआईटी, बॉम्बे, 2008 ओनररी डॉक्टर ऑफ साइंस आईआईटी खरगपुर और 2008 में ही ओनररी सिटिजन अवॉर्ड सिंगापुर सरकार से नवाजा गया वहीं 2016 कमांडर ऑफ द लीजन ऑफ द ओनर फ्रांस सरकार ने, 2023 ओनररी ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया किंग चार्ल्स ने, 2023: उद्योग रत्न महाराष्ट्र सरकार ने देकर सम्मानित किया था।
रतन टाटा के नेतृत्व ने भारत के कॉर्पोरेट परिदृश्य को नया आकार दिया। टाटा की वैश्विक उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाया। 1991 से 2012 तक उनके मार्गदर्शन में टाटा समूह एक स्थानीय उद्यम से एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा । इसने भारत की आर्थिक वृद्धि में योगदान दिया और लाखों लोगों को रोजगार भी दिया। बिजनेस से परे, परोपकार, शिक्षा और नैतिक शासन के प्रति टाटा की प्रतिबद्धता ने उन्हें भारत में एक सम्मानित व्यक्ति बना दिया है। आज भी लोग बड़े ही सम्मान से रतन टाटा का नाम लेते हैं।
