विश्व मानसिक दिवस के उपलक्ष में कार्यशाला हुई संपन्न


दमोह : जिला अस्पताल की मुख्य ओपीडी में विश्व मानसिक दिवस के उपलक्ष में जागरूक अभियान कार्यशाला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अधिकारी डॉ मुकेश जैन की उपस्थिति में आयेाजित की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ राकेश राय विशेष रूप से मौजूद थे। डॉ. प्रहलाद पटेल ने बताया की नशा की लत, अकेले-अकेले रहना, शक करना, चिड़चिड़ापन आदि मानसिक रोग के लक्षण है। डॉ. राकेश राय ने कहा की लंबे समय तक मन अस्थिर रहना, मानसिक रोग की पहचान है, इन बीमारियों से बचने के लिए सबसे पहले शरीर स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन 1 घंटे योग, आसन, प्राणायाम तथा व्यायाम किया जाना चाहिये, जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल की सेपरेट ओपीडी में काउंसलर और चिकित्सक को दिखाकर, नि:शुल्क इलाज लिया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जैन ने उपस्थित समस्त चिकित्सक, सिस्टर्स, मरीज एवं अटेंडर को विश्व मानसिक दिवस पर मानसिक रोग के इलाज एवं स्वस्थ मन हेतु शपथ दिलाई। उन्होंने कहा टोल फ्री नंबर 14416 पर मानसिक रोग के उपचार की संपूर्ण जानकारी मिलेगी। डॉ. अमित प्रकाश जैन पैथोलॉजिस्ट ने बताया कि मानसिक रोग के लक्षण एवं इलाज हेतु मध्य प्रदेश हेल्थ मिशन ने प्रपत्र बनाया है तथा सभी से कहा की इसका अध्ययन करे और प्रचार प्रसार किया जाये। साथ ही शासन का मानसिक रोगों के उपचार हेतु मनहित एप उपस्थित सभी को डाउनलोड करवाया गया। डॉ. शोभाराम ने मानसिक रोगों की पहचान, बीमारी लक्षण और इलाज के विषय में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सुधीर आर्य, डॉ. चक्रेश चौधरी आर एम ओ, डॉ. मनीष संगतानी आर एम ओ, डॉक्टर महेश सिंह, मेंटल सिस्टर रश्मि डार्विन, सहायक नीलिमा पाल, नेत्र सहायक शैलेश अहिरवाल, उर्मिला मालवीय, रंजीता और मैरिज अटेंडर की उपस्थिति में कार्यशाला संपन्न हुई। इंचार्ज सिस्टर मानसिक ओपीडी इ मंजू मर्सकोले ने बताया की वर्ष 2015 से अभी तक 6,644 मानसिक रोग का इलाज लिए रजिस्टर्ड हुए है। डॉ. मनीष संगतानी ने उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, मरीज और अटेंडर को शामिल होने के लिय आभार व्यक्त किया।
