
इन्दौर। धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आईडीए के प्लाट पर कब्जा करने के बाद उसे किराए पर दे किराए के पैसे आपस में बांटने वाले तीन भाजपा नेताओं बालकृष्ण प्रजापत, प्रिंसपाल टोंग्या और राधा चतुर्वेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने मुख्य आरोपी बालकृष्ण प्रजापति को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र का है। धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी करने के इस मामले में मानसी डेवलपर्स की ओर से सुमित्रा देवी और उनके भागीदारों ने कोर्ट के माध्यम से बालकृष्ण प्रजापत, प्रिंसपाल टोंग्या और राधा चतुर्वेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इन्होंने आईडीए की योजना 78 में आवंटित प्लॉट पर मिलीभगत कर अवैध कब्जा कर लिया था जिसके बाद मुख्य आरोपी बालकृष्ण ने खुद को मालिक बताकर जाली हस्ताक्षरों से फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार किया और मेसर्स चाय चौकी को एक लाख रुपए महीने से किराए पर दे दिया। किराए की यह 1 लाख रुपए की राशि आरोपी टोंग्या के बैंक खाते में हर महीने जमा कराईं जा रही थी, जिसे वह इस मामले में संबंधित वकीलों, IDA के दलालों को और अन्य लोगो को दे रहा था। कोर्ट आदेश के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 417, 420, 467, 468 और 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच कार्रवाई करते बालकृष्ण प्रजापति को कल दोपहर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जिसे कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश दे दिए।
