
लोस में नेता प्रतिपक्ष का रिएक्शन हुआ वायरल
चेन्नई। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। चेन्नई में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए राजनीति और सिनेमा जगत की तमाम बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं, लेकिन पूरे समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा विजय के उस सादगी भरे अंदाज की हो रही है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा क्षण आया जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, शपथ लेने के बाद सभी नेताओं को राज्यपाल के साथ एक सामूहिक तस्वीर (ग्रुप फोटो) खिंचवानी थी। इसके लिए मंच पर रखी टेबल को हटाना जरूरी था ताकि सभी नेता एक साथ खड़े हो सकें। जब वहां मौजूद कर्मचारी टेबल हटाने लगे, तो मुख्यमंत्री विजय ने बिना किसी हिचकिचाहट के खुद आगे बढ़कर टेबल उठाने में उनकी मदद की। विजय के इस डाउन टू अर्थ व्यवहार को देखकर उनके बगल में खड़े कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी हैरान रह गए और मुस्कुराते नजर आए। इंटरनेट पर यूजर्स विजय के इस व्यवहार को एक सच्चे जन नेता की पहचान बता रहे हैं।
समारोह में राहुल गांधी और विजय के बीच की केमिस्ट्री भी साफ नजर आई। दोनों नेताओं ने मंच पर सेल्फी ली और राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से विजय को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई भी दी। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही विजय ने अपने चुनावी वादों पर अमल करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कार्यभार संभालते ही राज्य के लोगों के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष विधेयक लाने की घोषणा की है। हालांकि, इस खुशी के मौके पर समर्थकों को विजय के परिवार की कमी खली। समारोह में उनकी पत्नी संगीता और उनके दोनों बच्चे नजर नहीं आए, जिसे लेकर इंटरनेट पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। गौरतलब है कि विजय और संगीता का तलाक का मामला फिलहाल अदालत में लंबित है। इसके बावजूद, विजय के समर्थक इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि उनके पसंदीदा अभिनेता अब राज्य की कमान संभाल चुके हैं और उनके नेतृत्व में तमिलनाडु विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। इसी तरह की एक हालिया घटना में, पड़ोसी राज्य के एक अन्य युवा नेता ने भी अपने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद जनकल्याणकारी फाइलों पर हस्ताक्षर कर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया था।
