CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v80), quality = 82?
Spread the love

25 लाख के लोन घोटाला मामले में दोषी करार
भोपाल। सीबीआई की विशेष न्यायाधीश नीलम शुक्ला की कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया की मिसरोद ब्रांच में सीनियर बैंक मैनेजर रहे आरोपी पीयूष चतुर्वेदी पुत्र आरएन चतुर्वेदी (70) निवासी छत्रसाल नगर इंद्रपुरी और उसके साथी मोहन सिंह सोलंकी पुत्र प्रताप सिंह सोलंकी (65) निवासी गिरधर गार्डन कोलार रोड को 25 लाख के लोन घोटाला मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास सहित 60 हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। जानकारी के अनुसार आरोपी पीयूष चतुर्वेदी 30 अप्रैल 2013 से 3 जनवरी 2015 की अवधि में बैंक ऑफ इंडिया मिसरोद ब्रांच में सीनियर बैंक मैनेजर था। पीयूष चतुर्वेदी ने 26 नवंबर 2013 को मेसर्स आरजे ट्रेडर्स के लोन खाते में 30 लाख रूपए का सीसी लोन मंजूर कराया। इसके बाद 26 नवंबर 2013 को बिना खाताधारक की जानकारी के, लोन खाते से 25 लाख रुपए सांवरिया मशीन्स के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। जांच में सामने आया कि आरटीजीएस वाउचर पर अधिकृत साइन नहीं थे। लिखावट विशेषज्ञ की रिपोर्ट में कई फर्जी दस्तावेजों पर तत्कालीन मैनेजर पीयूष चतुर्वेदी के हस्ताक्षर और हैंडराइटिंग की पुष्टि हुई। फैसले में लोन खाते से 30 हजार रुपए के एक और अवैध भुगतान का भी उल्लेख है। बताया गया है की उसमें से 25 लाख रुपए सह-आरोपी मोहन सिंह सोलंकी की पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर करते हुए उस रकम को हड़प लिया था। फरियादी एसके वोहरा ने मामले की शिकायत सीबीआई भोपाल यूनिट से की थी। सीबीआई भोपाल यूनिट ने 25 जनवरी 2016 को आरोपियों के खिलाफ धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला कायम कर जांच के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने मामले में पूर्व सीनियर शाखा प्रबंधक पीयूष चतुर्वेदी और कारोबारी मोहन सिंह सोलंकी को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *