
कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे विधायक सहित कांग्रेस कार्यकर्ता, सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट क्लीनिकों पर ताला लगाने की मांग
अशोकनगर। जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के बाहर कांग्रेसियों द्वारा धरना दिया गया। इस दौरान कांग्रेसियों ने अस्पताल प्रशासन पर अनियमितता और डॉक्टरों की मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
धरने के दौरान कांग्रेस विधायक हरीबाबू राय ने बताया कि ये धरना जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से की जा रही अनियमितता के विरोध में दिया गया है। उन्होने बताया कि बीते करीब 15 वर्षों से जिला अस्पताल का ट्रामा सेंटर बंद पड़ा हुआ है। इसके अलावा अस्पताल में साफ-सफाई की कमी, डॉक्टरों की लापरवाही, एंबुलेंस एवं जननी एक्सप्रेस की समय पर व्यवस्था न होने सहित अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं, भ्रष्टाचार एवं मरीज को मिलने वाली सुविधाओं के आभाव को लेकर धरना प्रदर्शन दिया गया। उन्होने कहा कि अस्पताल में लगातार डॉक्टर मनमानी कर रहे हैं। साथ ही अस्पताल प्रशासन जन प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए मना करता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल को रेफरल सेंटर बना दिया गया है। जिससे इलाके के मरीज काफी परेशान है। विधायक ने आगे कहा कि जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर्स अपनी क्लिनिक चला रहे हैं। वो अस्पताल में मरीजों को नहीं देखते। आगे भी अगर यही रवैया रहा तो उनके क्लिनिक में ताला लगा देंगे। साथ ही उन्होंने ऐसे डॉक्टरों को नौकरी छोडऩे के लिए भी कहा। इस दौरान कलेक्टर को ज्ञापन सौपते हुए कांग्रेस के पदाधिकारी ने चेतावनी दी अगर ऐसी अवस्थाओं को सुधारा नहीं गया तो कांग्रेस आगे उग्र आंदोलन करेगी। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा एक चेतावनी और दी गई अगर ड्यूटी डॉक्टर समय पर अस्पताल में उपस्थित नहीं रहेंगे तो हम उनके प्राइवेट क्लीनिक के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह, विधायक हरी बाबू राय एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस जन आम जन उपस्थित रहे।
मरीज परेशान:
धरना दे रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि जिला अस्पताल में लोगों को सही से उपचार नहीं मिल रहा है। इलाज करने के लिए लोग भटकते रहते हैं। ओपीडी में लाइन लग रहे हैं। साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था भी सही से नहीं की जा रही है। कुछ ही दिनों पहले एक्सपायरी दवाइयां मिली थी। इस प्रकार से कई गड़बडिय़ां सामने आती हैं डॉक्टर अपनी मनमानी कर रहे हैं।
