Spread the love

जिला और सत्र न्यायाधीश की लिखित पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़कर कहीं बाहर नहीं जा सकेंगे

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बेहद कड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) राजीव गोयल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजीव गोयल वर्तमान में कैथल में तैनात थे, लेकिन इससे पहले वे पंचकूला में सीबीआई की विशेष अदालत के जज के रूप में कई बेहद संवेदनशील और बड़े मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। उनकी सेवाओं को निलंबित करने का यह अहम फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में हुई एक फुल कोर्ट बैठक के दौरान लिया गया। यह सख्त कार्रवाई न्यायिक अधिकारी के खिलाफ संभावित अनुशासनात्मक और विभागीय कार्यवाही शुरू करने के मद्देनजर की गई है।
सीबीआई कोर्ट के विशेष जज के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान राजीव गोयल ने कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाए थे। विशेष बात यह है कि उन्होंने इसी वर्ष 20 अप्रैल को एक अन्य पूर्व निलंबित न्यायिक अधिकारी सुधीर परमार को भ्रष्टाचार के एक मामले में बरी किया था, जो कानूनी गलियारों में काफी चर्चा का विषय रहा था। गौरतलब है कि सुधीर परमार को भी अप्रैल 2023 में भ्रष्टाचार के आरोपों और रियल-एस्टेट डेवलपर्स के प्रति कथित पक्षपात की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद निलंबित किया गया था। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश और अन्य जजों ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 225 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए राजीव गोयल पर यह कार्रवाई की है। निलंबन आदेश के लागू रहने तक राजीव गोयल का मुख्यालय कैथल ही तय किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने तक वे कैथल के जिला और सत्र न्यायाधीश की लिखित पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़कर कहीं बाहर नहीं जा सकेंगे। निलंबन की इस अवधि के दौरान राजीव गोयल को नियमों के मुताबिक निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, जो उस अवकाश वेतन के बराबर होगा जो उन्हें आधे वेतन पर अवकाश के दौरान मिलता। इसके अतिरिक्त, यदि वे पात्र पाए जाते हैं तो उन्हें हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के अध्याय 7 के तहत अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे। यह पूरा नियम उनके निलंबन की तारीख से ही प्रभावी माना जाएगा। उच्च न्यायपालिका द्वारा अपने ही एक वरिष्ठ जज के खिलाफ की गई इस अचानक और सख्त कार्रवाई से राज्य के प्रशासनिक और कानूनी हलकों में हड़कंप मच गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *