सच्चे प्रेम की भावना और अहसास से भरा नाटक सर्दी की फिर वही रात
भोपाल के चेतना रंग समूह की प्रस्तुति के साथ नाट्य समारोह का हुआ समापन
5 दिवसीय नाट्य समारोह का गिरा पर्दा, अंतिम दिवस रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा को मिला दर्शकों का भरपूर प्यार




दमोह। नगर के मानस भवन सभागार में संस्कृति मंत्रालय भोपाल के सहयोग से युवा नाट्य मंच दमोह द्वारा आयोजित किए जा रहे 20 वे राष्ट्रीय नाट्य समरोह के चौथे और अंतिम दिन भोपाल के चेतना रंग समूह द्वारा रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा सर्दी की फिर वही रात की प्रस्तुति दी गई। नाटक उम्र के ढलते पड़ाव के प्रेम की अहमियत और अहसास को दर्शकों के सामने रखता है और सच्चे प्रेम की परिणीति को दिखाता है।
नाटक की कहानी एक रेलवे प्लेटफॉर्म पर शुरू होती है जहां अधेड़ अवस्था को प्राप्त कर चुके नाटक के हीरो अभिनय शर्मा को उसकी जवानी के दिनों के का प्रेम रही नाटक की नायिका पूजा कपूर दिखती है। पहचान के साथ शुरू हुई बातचीत में पुराने अहसास फिर ताज़ा होने लगते है और प्रेम एक बार फिर अंकुरित होने लगता है। लेकिन प्यार का इजहार कैसे हो यह दुविधा लगातार बनी रहती है। ऐसे में नाटक में कुछ ऐसा घटता है कि वर्षों पहले अधूरा रहा प्रेम अपनी मंजिल तक पहुंच जाता है।
नाटक की बात करें तो नाटक के लेखक व निदेशक आशीष श्रीवास्तव ने अपने लेखन और निर्देशन में बढ़ती उम्र में प्यार के एहसास और उससे जुड़े पहलुओं को बखूबी कलम और अपने निर्देशन से पर्दे पर उतारा है और नाटक को काफी प्रभावी बनाया है। नाटक मुख्य रूप से दो किरदारों के आसपास घूमता है जिसमें अभिनव शर्मा बने राजीव श्रीवास्तव और पूजा कपूर बनी नीति श्रीवास्तव ने नाटक में अपनी अभिनय क्षमता और अनुभव दोनों दिखाई है। दोनों अपने अभिनय में अतिरेक से दूर रहकर अपने संवाद शैली से दर्शकों को बांधे रखते है और चुटिले संवादों से हंसाते भी है। उसके अलावा भांजा बना शिवांश यादव, चायवाला बने विवेक त्रिपाठी, उत्कर्ष खरे, आदमी आशीष ओझा, आदमी-2 शिव कटारिया, विवेक त्रिपाठी,हरयाणवी हवलदार आशीष ओझा, उत्कर्ष खरे सहित पैसेंजर्स की छोटी सी भूमिका में सुनीता अहिरे, महेश, प्रियांशी, दिव्या, आशी, दिव्यांशी आदि है। वहीं नाटक में स्थानीय कलाकारों ने भी संक्षिप्त भूमिका निभाई है। नाटक के अन्य पहलुओं की बात करें तो मंच पर बनाया गया दिनेश नायर का प्लेटफार्म का सेट काफी प्रभावित नजर आता है और प्रकाश परिकल्पना में कमल जैन ने कमाल का काम किया है। संगीत में मनोहर राव और मंच व्यवस्थापक विवेक त्रिपाठी रहे।
समापन में संस्था ने जताया आभार
अंतिम दिन की प्रस्तुति के साथ ही चार दिवसीय राष्ट्रीय नाटक समारोह का समापन हुआ। समापन अवसर पर संस्था द्वारा सभी का आभार जताया गया। संस्था अध्यक्ष राजीव अयाची ने कहा की दर्शकों के सहयोग और प्रेम के बिना नाट्य समारोह की कल्पना भी हम नहीं कर सकते और उनके चलते ही हम दमोह जैसे शहर में लगातार राष्ट्रीय नाटक समारोह का आयोजन सफलतापूर्वक कर पा रहे हैं। संस्था सचिव एडवोकेट अनिल खरे ने उपस्थित लोगों सहित पुलिस प्रशासन व सहयोगियों का धन्यवाद देते हुए यह घोषणा करी कि आगामी कुछ दिनों में ही संस्था अपने 21 में राष्ट्रीय नाटक समारोह के साथ आपके सामने होगी।
