
जबलपुर। सोमवार को जिले में नागपंचमी मनाई गई, श्रृध्दालुओं ने पूजन अर्चन किया। वहीं दूसरी तरफ सांपों पर अत्याचार न हो इसके लिये वन विभाग का अमला टीमें बनाकर पूरे जिले में सक्रिय रहा। सबसे अधिक सतर्कता जबलपुर के ग्रामीण इलाकों में बरती गई। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित सिहोरा, कटंगी, मझौली पाटन बरगी में टीमें सक्रिय रहीं। सपेरों को पकड़ने वन विभाग ने रेंज स्तर पर अलग-अलग टीमें बनाई हुई हैं।
वैसे तो साल दर साल वन विभाग की सख्ती के कारण घर घर नाग को दूध पिलाओ की टेर लगाने वाले सपेरे नाग देवता के साक्षात दर्शन कराने कम ही आ पाते हैं परंतु लुक छिपकर ही आते हैं। ऐसे ही एक आज भी पर्व पर कमाई के फेर में कुछ सपेरों ने शहर का रुख किया लेकिन वे वन विभाग के हत्थे चढ गए।
वन विभाग की टीम और वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे की संयुक्त टीम ने नागपंचमी पर कुल सात सपेरों से खतरनाक कोबरा सर्प बरामद किए हैं। इनमें सबसे बड़ा सांप लगभग 5 फीट का किंग कोबरा है। पकड़े गए सपेरे में दो महिलाएं, 3 बच्चे और 3 पुरुष शामिल हैं। इन सांपों को इलाज के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सभी सांप खतरनाक कोबरा सांप हैं। इन सभी सांपों के मुंह सिले हुए हैं और उनके जहर के दांत तोड़ दिए जाते हैं. इन सांपों को एक साथ जबलपुर के वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक में भेजा गया है, जहां इनके मुंह खोले जाएंगे और उन्हें प्राथमिक इलाज दिया जाएगा. इसके बाद इन्हें सुरक्षित वातावरण में छोड़ दिया जाएगा। पकड़े गए सपेरे लक्ष्मण ने बताया वह नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर के पास का रहने वाला है उसके पास से जिस 5 फीट लंबे सांप क़ो पकड़ा है, वह बीते दिनों एक किसान के घर में निकला था, जिसे वे लोग जबलपुर लाए थे। लक्ष्मण के मुताबिक उन लोगों को बिल्कुल पता नहीं था कि सांप पकडऩा गैरकानूनी है, वे सभी पहली बार सांप लेकर निकले थे और वन वभाग के हाथ आ गए।
