
शाजापुर । नाबालिग को झांसे में लेकर अपहरण करने, दुष्कर्म करने और उसे बेचने की साजिश रचने के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने मुख्य आरोपी गोविंद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। वहीं, इस पूरी साजिश में आरोपी का साथ देने वाली उसकी मां और दो अन्य रिश्तेदारों को भी 20-20 साल जेल की सजा सुनाई गई है। प्रतीक श्रीवास्तव मीडिया सेल प्रभारी अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला शाजापुर ने बताया कि 15 मार्च 2025 को पीडिता की माता ने पुलिस थाना कोतवाली शाजापुर में एफआईआर दर्ज कराई थी कि 14 मार्च 2025 को सुबह 05 बजे उठकर देखा तो पीडि़ता उम्र 13 साल घर से लापता थी, जिसकी आसपास व रिश्तेदारों में तलाश करने पर कोई पता नहीं चला। कोई अज्ञात व्यक्ति नाबालिग पीडिता को बहला फुसलाकर भगाकर ले गया होगा। प्रकरण की विवेचना के दौरान पता चला कि पीडि़ता तथा आरोपी गोविंद गांजाबाद उत्तर प्रदेश में निवास कर रहे हैं। पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस गांजाबाद उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुई। दबिश देने पर पीडि़ता व आरोपी गोविंद किराए के मकान में मिले, जिन्हें पुलिस अभिरक्षा में लेकर थाना कोतवाली शाजापुर लाया गया। पीडि़ता ने बताया कि आरोपिया शोभा बाई तथा उसका पुत्र गोविंद है और आरोपी मांगू शोभा बाई का जेठ एवं राहुल उसके जेठ का लड़का है। मीडिया सेल प्रभारी, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि उज्जैन जिले के झुटावद का रहने वाला 28 वर्षीय मुख्य आरोपी गोविंद पीडि़ता के घर पर करीब छह महीने तक रुका था और वहां बकरियां चराता था। इसी दौरान उसने 13 साल की नाबालिग को अपने जाल में फंसा लिया और शादी की बात कही। जब पीडि़ता की मां को इस बात का पता चला और उसने बेटी को डांटा, तो गोविंद ने नाबालिग को उज्जैन जाने वाली बस में बैठाकर अपनी मां शोभाबाई के पास भेज दिया।
सामने आई बेचने की खौफनाक साजिश
शोभाबाई ने नाबालिग को अपने जेठ मांगू को बुलाकर उसके हवाले कर दिया, जो उसे रतलाम जिले के पिपलिया पीथा ले गया। वहां नाबालिग को करीब एक महीने तक रखा गया। इसी बीच पीडि़ता को पता चला कि मांगू और उसका बेटा राहुल उसे किसी और के हाथों बेचने की फिराक में हैं। घबराकर पीडि़ता ने राहुल से गुहार लगाई कि उसे वापस शोभाबाई के पास छोड़ दे। इसके बाद राहुल ने उसे वापस शोभाबाई के खेत पर छोड़ दिया और मुख्य आरोपी गोविंद को वहां बुला लिया।
गाजियाबाद के मंदिर में की शादी, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार
इसके बाद गोविंद पीडि़ता को ट्रेन से उज्जैन से दिल्ली होते हुए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद ले गया। वहां एक मंदिर में शादी का नाटक रचकर वह उसे किराए के मकान में अपनी पत्नी बनाकर रखने लगा। इधर, शाजापुर कोतवाली पुलिस 15 मार्च 2025 को दर्ज हुई अपहरण की रिपोर्ट के बाद लगातार उसकी तलाश कर रही थी। लोकेशन का पता चलने पर पुलिस टीम ने गाजियाबाद जाकर दबिश दी और 20 अगस्त 2025 को पीडि़ता को बरामद कर गोविंद को गिरफ्तार कर लिया।
अदालत का फैसला
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए मुख्य आरोपी गोविंद को पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत उम्रकैद और कुल 27,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, अपराध में सहयोग करने की दोषी पाई गई आरोपी की मां शोभाबाई (45), जेठ मांगू (53) और उसके बेटे राहुल (25) को 20-20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी रमेश सोलंकी ने की।
