मुंबई पुलिस ने किया खुलासा, अब तक नौ आरोपी गिरफ्त में, 3 अभी भी फरार

मुंबई। एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुंबई पुलिस ने खुलासा किया है कि इस हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों ने हत्या के लिए 50 लाख रुपए मांगे थे लेकिन पैसे को लेकर असहमति और एनसीपी नेता के रसूख को देखते हुए उन्होंने हत्या को अंजाम देने से मना कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में शूटरों को हथियार और रसद मुहैया कराने के आरोप में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या अब नौ हो गई है, जबकि तीन लोग अभी भी फरार हैं।
अधिकारी ने बताया कि इन पांचों आरोपियों ने एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल लोगों को जरुरी सामग्री और अन्य प्रकार की मदद दी थी। पुलिस ने बताया कि हाल में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन गौतम सप्रे (32), संभाजी किसान पारधी (44), प्रदीप दत्तू थोम्ब्रे (37), चेतन दिलीप पारधी और राम फूलचंद कनौजिया (43) के रूप में हुई है। नितिन सप्रे डोंबिवली से हैं जबकि संभाजी किसान पारधी, थोम्ब्रे और चेतन दिलीप पारधी ठाणे जिले के अंबरनाथ से है और कनौजिया रायगढ़ के पनवेल का रहने वाला है। थोम्ब्रे को छोड़कर अन्य चार शातिर आपराधिक हैं। एक अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि नितिन सप्रे के नेतृत्व वाले गिरोह ने एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए मध्यस्थ से 50 लाख रुपए की मांग की थी लेकिन सौदे पर असहमति के कारण यह बात नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही नितिन सप्रे को पता था कि बाबा सिद्दीकी एक प्रभावशाली नेता हैं, इसलिए उन्हें मारना उसके गिरोह के लिए बड़ी समस्या पैदा कर देगा। इसलिए इन आरोपियों ने आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने नए शूटरों को आवश्यक सामग्री देने और अन्य सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। बता दें बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर की रात को उनके विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी के मुंबई के बांद्रा स्थित कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
