
भुवनेश्वर । महाप्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर की संपत्ति देश के कई राज्यों में फैली हुई है। मंदिर से जुड़े रिकॉर्ड के अनुसार देशभर में करीब 60,822 एकड़ जमीन मंदिर के स्वामित्व में है। इनमें लगभग 30 प्रतिशत जमीन पर अवैध कब्जे या विवाद बताए जाते हैं। ओडिशा के अलावा पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में मंदिर की जमीन का बड़ा हिस्सा दर्ज है। ओडिशा सरकार श्री जगन्नाथ मंदिर की हजारों एकड़ जमीन और संपत्तियों का रिकॉर्ड दुरुस्त करने, जमीनों की पहचान करने और लंबे समय से चले आ रहे विवादों को खत्म करने की दिशा में अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य मंदिर की संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराने के साथ उसकी आय बढ़ाना भी है।सरकार जमीनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, सीमांकन कराने और जहां संभव हो वहां कानूनी कार्रवाई के जरिए कब्जे हटाने पर जोर दे रही है। मंदिर की जमीन से होने वाली आय का उपयोग धार्मिक कार्यों, मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किया जा सकेगा ।इतनी बड़ी संपत्ति के बावजूद यदि जमीन का एक बड़ा हिस्सा विवाद या अवैध कब्जे में है। मंदिर की संभावित आय प्रभावित हो रही है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी, सरकार कितनी तेजी से रिकॉर्ड, सीमांकन और कानूनी प्रक्रिया पूरी करती है।
