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इंदिरा गांधी, वाजपेयी, आडवाणी, राजीव के खिलाफ लड़े

पटना । भारतीय लोकतंत्र के एक अनूठे और अविस्मरणीय चरित्र, नागरमल बाजोरिया, जिन्हें धरतीपकड़ के नाम से जाना जाता था, अब नहीं रहे। 97 वर्ष की आयु में उनका पटना के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। भागलपुर स्थित देवी बाबू धर्मशाला के समीप रहने वाले बाजोरिया ने वार्ड सदस्य से लेकर राष्ट्रपति पद तक के चुनावों में पर्चा दाखिल कर कुल 280 चुनाव लड़ने का अद्भुत रिकॉर्ड कायम किया था, जो अपने आप में एक मिसाल है।
उनकी पहचान केवल चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति के रूप में नहीं थी, बल्कि वे भारतीय राजनीति के दिग्गजों को चुनौती देने के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली से, राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी से, और संजय गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी तथा लालकृष्ण आडवाणी जैसे कई प्रमुख नेताओं के खिलाफ भी चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें किसी भी चुनाव में जीत नहीं मिली, लेकिन उनकी भागीदारी लोकतंत्र में आम आदमी की आवाज और चुनाव प्रणाली के प्रति उनके अटूट विश्वास को दर्शाती थी। वर्ष 2012 में, उन्होंने प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से उनका पर्चा खारिज हो गया था। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि उन्होंने अपना पहला चुनाव वर्ष 1969 में तत्कालीन राष्ट्रपति उम्मीदवार वीवी गिरि के खिलाफ लड़ा था, और उनका आखिरी चुनावी प्रयास वर्ष 2019 में था। मनिहारी का व्यापार करने के साथ-साथ, बाजोरिया समाजसेवा के कार्यों से भी गहरे जुड़े रहे। वे कन्या विवाह में सहायता, गरीब महिलाओं के प्रति सेवाभाव और बच्चों की पढ़ाई के प्रति अपने समर्पण के लिए भी जाने जाते थे। परिजन आलोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि नागरमल बाजोरिया का पार्थिव शरीर गुरुवार रात नौ बजे पटना से भागलपुर लाया गया, जहां पवित्र बरारी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके परिवार में चार पुत्र और एक पुत्री हैं; एक बेटे विजय बाजोरिया का पहले ही निधन हो चुका है। शेष पुत्र सतीश, अजय और दिलीप बाजोरिया व्यापार से जुड़े हैं। सतीश अपने पिता की बनाई गोविंद चूड़ी भंडार में बैठते हैं, जबकि दिलीप पटना और अजय दिल्ली में कारोबार संभालते हैं। उनकी बेटी मंजू देवी का ससुराल पटना में है। पौत्र सौरव बाजोरिया ने बताया कि करीब 10 से 15 दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और पटना के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

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