पर्यटन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे थे 9.80 लाख, फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजने वाला मोबाइल भी बरामद

अशोकनगर । खुद को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम में एडिशनल डायरेक्टर बताने वाली फर्जी आईएएस ठग तृप्ति सिंह गिरोह के चौथे सदस्य को चन्देरी पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी प्रखर उर्फ सानू सिंह (27) को पुलिस ने उसके घर से पकड़ा है। पुलिस ने भोपाल के एमपी नगर से वह मोबाइल भी बरामद किया है, जिससे पीडि़त जयकुमार कोली को व्हाट्सएप पर फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजा गया था।
पुलिस के मुताबिक, बीती 7 अप्रैल 2025 को तृप्ति सिंह राजपूत, उसका भाई सुधांशु सिंह, उनके साथी तनुज वैश्य और अंजली सिंह चंदेरी पहुंचे थे। चारों किला कोठी में ठहरे। आरोप है कि तृप्ति ने यहां खुद को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम में एडिशनल डायरेक्टर बताया। इसके बाद जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी को सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बदले तीन लाख रुपए प्रति व्यक्ति मांगे गए। पुलिस के अनुसार, फरियादियों ने भरोसा कर कुल 9 लाख 80 हजार रुपए नकद दिए और अपने जरूरी दस्तावेज भी सौंपे। दो लाख रुपए बाद में देने की बात हुई। जब पीडि़तों को ठगी का अंदेशा हुआ, तो उन्होने चन्देरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसपी राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर थाना प्रभारी प्रशांत यादव की टीम ने कार्रवाई करते हुए चौथे आरोपी लखनऊ निवासी प्रखर उर्फ सानू सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर एमपी नगर से मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि इसी मोबाइल से मामले की आरोपी तृप्ति सिंह ने जयकुमार कोली को व्हाट्सएप पर फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजा था।
मोबाइल चैट और कॉल डिटेल से हुआ खुलासा…..
पुलिस ने मोबाइल में तृप्ति सिंह के साथ हुई चैट, मैसेज और अन्य डिजिटल डेटा की जांच की। आरोपी ने बताया कि उसने तृप्ति सिंह के साथ हुई चैट और बाकी डेटा डिलीट कर दिया था। पुलिस ने इसका पंचनामा बनाया है। मामले में धारा 238 बीएनएस भी जोड़ी गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। मामले में शामिल दूसरे आरोपी तनुज वैश्य और अंजली सिंह की तलाश जारी है। पुलिस टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
आरोपी तृप्ति सिंह पर भोपाल में भी दर्ज हैं धोकाधड़ी की एफआईआर…..
प्राप्त जानकारी अनुसार फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह पर भोपाल में भी प्रकरण दर्ज हुआ है। ठग द्वारा मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का होटल लीज पर दिलाने का झांसा देकर 50 लाख रुपए ठगने की एफआईआर भोपाल के बागसेवनिया थाने में दर्ज की गई है। इसमें तृप्ति का भाई सुधांशु सिंह और साथी प्रखर सहआरोपी हैं। सिवनी निवासी फरियादी गगन उपवंशी (31) ने बागसेवनिया थाने में शिकायत की थी कि तृप्ति, सुधांशु और प्रखर ने होटल लीज पर दिलाने की बात कही थी। आरोपियों ने गगन को भरोसे में लेकर 50 लाख रुपए ऐंठ लिए। काफी समय बीतने के बाद भी होटल लीज पर नहीं मिला तो गगन को शक हुआ। उसने अपने स्तर पर आरोपियों की जानकारी जुटाई। पता चला कि तृप्ति आईएएस अधिकारी नहीं है। इसके बाद 28 अगस्त को थाने में आवेदन दिया। पुलिस ने करीब 5 दिन जांच करने के बाद मंगलवार देर रात तृप्ति, सुधांशु और प्रखर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली।
