एमपीटी की होटल-रिसोर्ट लीज पर और नौकरी दिलाने का झांसा देकर 39 लाख ठगे

भोपाल। खुद को ट्रेनी आईएएस और मध्य प्रदेश पर्यटन (एमपीटी) में एडिशनल डायरेक्टर बताने वाली राजधानी की रहने वाली तृप्ति सिंह के खिलाफ बागसेवनियां पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है की उसने बालाघाट निवासी युवक से एमपीटी की होटल-रिसोर्ट संपत्तियां लीज पर दिलाने और नौकरी लगवाने का झांसा देकर 39 लाख 17 हजार रुपए लेकर हड़प लिये। तृप्ति के भाई सुधांशु सिंह और प्रखर सिंह पर भी उसका आईएएस अधिकारी होना बताकर फरियादी को विश्वास में लेने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक ग्राम चिचोली तहसील खैरलांजी जिला बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे (29) ने शिकायती आवेदन दिया था। जिसकी जांच के बाद तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह, प्रखर सिंह और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सबने मिलकर फंसाया जाल में
फरियादी रोहित ने अपनी शिकायत में बताया की तृप्ति ने खुद को एमपीटी में एडिशनल डायरेक्टर बताते हुए होटल और रिसोर्ट की संपत्तियां लीज पर दिलाने का और नौकरी लगवाने का भरोसा भी दिया था। तृप्ति के भाई सुधांशु और प्रखर ने भी उसके आईएएस होने की पुष्टि की। इससे रोहित और उसके परिचितों को उन पर विश्वास हो गया। इसके बाद एमपीटी की प्रॉपर्टी लीज कराने के नाम पर 35.30 लाख रुपए और नौकरी लगवाने के नाम पर 3.87 लाख रुपए लिए गए। इस तरह कुल 39.17 लाख की रकम लेकर हड़प ली गई।
न नौकरी मिली न प्रॉपर्टी
फरियादी के अनुसार रकम लेने के बाद न तो होटल-रिसोर्ट की लीज का काम हुआ और न ही उसे नौकरी मिली। काफी समय बाद जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तब आरोपियों की ओर से कथित तौर पर सिर्फ 1 लाख रुपए ऑनलाइन लौटाए गए। बाकी 38.17 लाख रुपए वापस नहीं किए गए।
इसके बाद रोहित ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस की शुरुआती जांच में फर्जी पहचान और पद का इस्तेमाल कर विश्वास हासिल करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से रकम लेने के साक्ष्य सामने आए हैं। जॉच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 316(5), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि तृप्ति ने खुद को ट्रेनी आईएएस और एमपीटी की एडिशनल डायरेक्टर साबित करने के लिए किन दस्तावेजों या पहचान का इस्तेमाल किया। उसके और सहयोगियों के बैंक खातों में रकम पहुंचने, रकम के ट्रांसफर और उसके इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
