पीआरएचआई ने किताब बदलाव की थी मांग जो लेखक ने ठुकरा दी

नई दिल्ली। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की संस्मरण किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ भारत में प्रकाशित नहीं करेगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीआरएचआई ने किताब के एक हिस्से में कुछ “एडिटोरियल बदलाव और हिस्से हटाने” की मांग की थी, लेकिन लेखकों ने इस मांग को ठुकरा दिया। पेंगुइन इंडिया के इस प्रोजेक्ट से बाहर होने के बाद हार्पर कॉलिन्स भारत में किताब के प्रकाशन का काम मिल सकता है। पहले इस किताब को 10 नवंबर को प्रकाशित होना था। किताब में सोनिया अपने राजनीति में सफर और 2004 में पीएम पद स्वीकार नहीं करने के फैसले से जुड़े अनुभव बताए हैं। इसमें नेहरू-गांधी परिवार में शादी और परिवार में हुई हत्याओं के बाद बदली जिंदगी के बारे में लिखा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पहले किताब के अमेरिकी पब्लिशर ने कहा था कि किताब की पहली प्रिंट रन एक लाख प्रतियों की होगी। पीआरएचआई के सीईओ से सोनिया गांधी की पांडुलिपि में मांगे गए “बदलाव और हिस्से हटाने” के बारे में पूछा गया था। वे भी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। सोनिया गांधी इससे पहले दूसरी किताबें लिख और एडिट कर चुकी हैं। हालांकि, इस किताब पर काम कर चुके लोगों के मुताबिक यह उनकी जिंदगी का सबसे निजी और सबसे विस्तृत लेखा-जोखा है। सोनिया पहले 4 किताबें लिख चुकी है जिनमें राजीव (1992)- राजीव गांधी के जीवन, पारिवारिक पलों, राजनीति और हत्या तक के सफर पर सोनिया गांधी का निजी संस्मरण। राजीव्स वर्ल्ड (1995)- राजीव गांधी द्वारा खुद खींची गई दुर्लभ तस्वीरों का संग्रह, जिसे सोनिया गांधी ने संकलित किया। फ्रीडमस डॉटर (1989)- 1922 से 1939 के बीच जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के पत्रों का संकलन, जिसका संपादन सोनिया ने किया। टू अलोन, टू टूगेदर (1992/2004)- नेहरू और इंदिरा के बीच 1922 से 1964 तक के ऐतिहासिक और निजी पत्राचार का संपादित संग्रह है।
इस साल की शुरुआत में पीआरएचआई ने बयान जारी कर कहा था कि उसने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की संस्मरण किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को “प्रिंट नहीं किया” है। हालांकि, राहुल गांधी ने संसद में इस किताब की हार्ड कॉपी दिखाई थी। मीडिया में नरवणे की किताब के कुछ हिस्से भी प्रकाशित हुए थे। इनमें गलवान में भारत-चीन झड़पों और अग्निपथ योजना पर नरवणे का विवरण शामिल था।
