भारत में लागू नहीं होगा ये नियम

न्यूयॉर्क । फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने अमेरिका में बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े बड़े कानूनी विवाद को सुलझाने के लिए समझौता किया है। इस ऐतिहासिक कदम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए दोनों मंचों पर कई नई पाबंदियां लगेगी। इसमें सबसे प्रमुख रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक इंस्टाग्राम और फेसबुक के उपयोग पर पूर्णता रोक रहेगी। इसके साथ ही, नाबालिगों के लिए दोनों मंचों पर प्रतिदिन दो घंटे की डिफॉल्ट समय सीमा भी तय होगी, जो कि माता-पिता या अभिभावकों की अनुमति से ही हटाया जा सकेगा।
समझौते के तहत, स्कूल के समय (सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक) सामान्य सूचनाएं डिफॉल्ट रूप से म्यूट रहेंगी, हालांकि सीधे संदेश और सुरक्षा अलर्ट जारी रहेगा। लगातार लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले किशोरों को बीच-बीच में विराम लेने के लिए रिमाइंडर भी दिए जाएंगे। यह समझौता अमेरिकी राज्यों द्वारा मेटा पर बच्चों को सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल की ओर आकर्षित करने वाले फीचर विकसित करने के आरोपों के बाद हुआ है, जिससे उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर नकारात्मक असर पड़ने का दावा किया गया था। मेटा पर माता-पिता को संभावित खतरों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं देने का भी आरोप था।
हालांकि मेटा ने किसी गलती या कानूनी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन समझौते के तहत कंपनी को राज्यों को करीब 17 से 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करना पड़ सकता है। नई व्यवस्था में उम्र की जांच को अधिक सख्त बनाने, पैरेंटल कंट्रोल को आसान करने और बच्चों के लिए हानिकारक सामग्री से सुरक्षा बढ़ाने के उपाय भी शामिल हैं। कुछ फीचर, जैसे सार्वजनिक लाइक की संख्या और कुछ ब्यूटी फिल्टर, पर भी सीमाएं लग सकती हैं।
फिलहाल समझौते को अदालत की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। मेटा का कहना है कि केवल उसके मंचों पर सख्ती पर्याप्त नहीं होगी और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए अन्य बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों को भी समान कदम उठाना होगा। भारत में समझौते का सीधा कानूनी प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, स्क्रीन टाइम और अभिभावकीय नियंत्रण को लेकर वैश्विक स्तर पर नई बहस निश्चित रूप से तेज होगी।
