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एफआईआर के बाद निलंबन, अब गिरफ्तारी का शिकंजा

जबलपुर । कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। एफआईआर दर्ज होने और निलंबन की कार्रवाई के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। दूसरी ओर गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन लगाया गया, लेकिन शनिवार को उस पर सुनवाई नहीं हो सकी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अब मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय के समक्ष होने की संभावना है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। तलाश का दायरा जबलपुर और कटनी से आगे राजस्थान तक पहुंचने की बात सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व सीएसपी की गिरफ्तारी और अग्रिम जमानत पर अदालत के रुख पर निगाहें टिकी हैं।
एक करोड़ की जमीन 18 लाख में खरीदने का आरोप…
मामला उस समय का है, जब नेहा पच्चीसिया कटनी में सीएसपी के पद पर पदस्थ थीं। उनके खिलाफ आरोप है कि हत्या के एक मामले में दबाव बनाकर करीब एक करोड़ रुपये कीमत की जमीन को महज 18 लाख रुपये में अपने करीबी के नाम पर खरीदने का प्रयास किया गया। जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आया कि हत्या के आरोपी रमेश लोधी को कथित तौर पर दो दिन तक सीएसपी के सरकारी आवास में रखा गया। आरोप के मुताबिक रजिस्ट्री कराने के लिए उसे सरकारी वाहन से ले जाया गया था।
नामांतरण रुकवाने की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद….
मामले में नया मोड़ तब आया, जब रमेश लोधी ने जमीन का नामांतरण रोकने के लिए आवेदन देने के साथ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की। खबर के अनुसार आरोप है कि इसके बाद उसे धमकाया गया और जेल जाने से बचने के लिए 75 लाख रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर उसके परिजनों और दामाद के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किए गए और उन्हें जेल भेज दिया गया। इन आरोपों की वास्तविकता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है।
केस डायरी में भ्रष्टाचार की धाराएं बढ़ीं……
न्यायालय में प्रस्तुत केस डायरी के संबंध में सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रकरण में भ्रष्टाचार से संबंधित धाराएं बढ़ाई गई हैं। इसके चलते मामला विशेष न्यायालय के समक्ष विचारण के लिए भेजे जाने की स्थिति बनी है। अब आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर भी विशेष अदालत के समक्ष सुनवाई होने की संभावना है।
अगला फैसला अदालत में….
फिलहाल इस मामले में दो मोर्चे महत्वपूर्ण हैं—एक ओर पुलिस द्वारा पूर्व सीएसपी की तलाश और संभावित गिरफ्तारी की कार्रवाई, तो दूसरी ओर अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में दायर आवेदन। शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी और उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। अब अदालत यह तय करेगी कि आरोपों की गंभीरता, जांच की स्थिति और अन्य कानूनी पहलुओं को देखते हुए आरोपियों को गिरफ्तारी से कोई संरक्षण दिया जाता है या नहीं।

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