कटनी जमीन घोटाला मामले में सीएम डॉ. मोहन का बड़ा एक्शन …………सीएसपी नेहा पच्चीसिया सस्पेंड
नेहा जबलपुर आईजी ऑफिस अटैच, 5 पुलिसकर्मी निलंबित

कटनी । हत्या के आरोपी के पिता से जमीन के विवादित सौदे और पुलिस अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोपों के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है| इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए| सीएसपी नेहा पच्चीसिया को निलंबित करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए| वहीं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुक्रवार 21 अगस्त को कटनी स्थित सीएसपी कार्यालय को सील कर दिया गया। कार्यालय सील करने का उद्देश्य मामले से जुड़े दस्तावेज, फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकना बताया गया है।
इधर, जबलपुर संभाग के आईजी प्रमोद वर्मा ने सीएसपी नेहा पच्चीसिया को फिलहाल जबलपुर आईजी कार्यालय अटैच कर दिया है। एएसपी जबलपुर श्रीमति अनु बेनीवाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर पांच पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। इनमें रंगनाथनगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह, स्लीमनाबाद थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक सौरभ सोनी, सीएसपी का ड्राइवर, गनर और रीडर शामिल हैं। कटनी में जमीन से जुड़े मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने मामले में कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की बात कही है।
दरअसल, कटनी में जमीन से जुड़े एक मामले में सीएसपी नेहा पच्चीसिया का नाम सामने आया है। आरोप है कि एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जमीन को दबाव बनाकर करीब 18 लाख रुपये में खरीदा गया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही या किसी तरह की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संबंधित पुलिस अधिकारी के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। बता दें कि इस मामले में पहले ही सीएसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है, वहीं कार्रवाई जारी है।
नेहा पच्चीसिया समेत तीन पर दर्ज हुई थी एफआईआर……
कटनी के कुठला थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 198, 199, 308(7) और 318(4) के तहत नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ गुरुवार प्रकरण दर्ज किया था। शिकायतकर्ता आकाश उर्फ रमेश लोधी का आरोप है कि उनके पिता रमेश लोधी पर दबाव बनाकर ग्राम कन्हवारा की जमीन की रजिस्ट्री 15 अप्रैल 2026 को मारूफ अहमद हनफी के नाम करा दी गई। वहीं, शिकायत के मुताबिक जमीन का सौदा 1.07 करोड़ रुपये में तय हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री 18.20 लाख रुपये में कराई गई। आरोप है कि 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि बाकी की राशि का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रमेश लोधी के जेल में रहने के दौरान खरीदार के पक्ष में जमीन का नामांतरण भी करा दिया गया। शिकायत में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने रमेश लोधी को दो दिन तक अपने घर पर रखा और सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया। पुलिस ने इन आरोपों की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है। हालांकि आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। अब इस पूरे मामले में पुलिस की जांच का सबसे अहम पहलू 15 अप्रैल 2026 को मारूफ अहमद हनफी के खाते में पहुंचे 15 लाख रुपये का बैंक ट्रांजेक्शन माना जा रहा है। जांच एजेंसी बैंक स्टेटमेंट, भुगतान के दस्तावेज, नामांतरण की प्रक्रिया और रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड खंगालकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी।
