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तिरुवनंतपुरम की पूजापुरा सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया
कोट्टायम । केरल के पूर्व डीजीपी टॉमिन जे. थाचनकरी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में अदालत ने चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोट्टायम विजिलेंस कोर्ट के जज केवी राजनिश ने गुरुवार को उन्हें भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत दोषी ठहराते हुए 30.84 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने उन्हें तिरुवनंतपुरम की पूजापुरा सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया है। उन्हें फैसले के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार है।
जानकारी के मुताबिक, केरल में डीजीपी रैंक के किसी अधिकारी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सजा सुनाए जाने का यह पहला मामला है। इस प्रकरण की जांच एर्नाकुलम स्थित विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (व्हीएसीबी) की स्पेशल सेल ने की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2003 से 2007 के बीच थाचनकरी की ज्ञात आय की तुलना में उनकी संपत्ति 135.80 फीसदी अधिक पाई गई थी। जांच में इस अवधि के दौरान करीब 64.70 लाख रुपए का ऐसा खर्च सामने आया, जिसका उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से मिलान नहीं हो सका। इसी आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 96 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 271 दस्तावेज अदालत में पेश किए। बचाव पक्ष की ओर से 23 गवाह पेश किए गए और 55 दस्तावेज अदालत के समक्ष रखे गए।


स्वास्थ्य का हवाला देकर मांगी थी राहत….
सजा सुनाए जाने से पहले थाचनकरी ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए अदालत से सजा में नरमी बरतने की अपील की थी। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जिस उच्च पद पर वह रहे हैं, उसे देखते हुए उनके प्रति किसी तरह की रियायत नहीं दी जानी चाहिए। विजिलेंस के विशेष लोक अभियोजक केके श्रीकांत ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, इसलिए ऐसे पद पर रहते हुए अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का मामला गंभीर है। उनके मुताबिक, अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार किया है।

शिकायतकर्ताओं ने कहा- कानूनी लड़ाई जारी रहेगी…..
मामले के शिकायतकर्ता बॉबी कुरुविला और अलेक्जेंडर कुरुविला ने भी फैसले पर संतोष जताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि जांच में केवल 2003 से 2007 के बीच कथित तौर पर अर्जित संपत्ति को ही शामिल किया गया था। बॉबी कुरुविला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी लड़ाई में फैसला मिलना संतोष की बात है। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा, लेकिन उनका संकल्प कमजोर नहीं हुआ। अलेक्जेंडर ने कहा कि यह मामला बताता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जा सकती है और पर्याप्त सबूत अदालत के सामने रखे जाने पर दोष सिद्ध हो सकता है।

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