
नई दिल्ली । दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर आम आदमी पार्टी और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ गया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के पांच सदस्यों को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई पिछली एसआईआर मतदाता सूची से विवरण का मिलान नहीं होने की श्रेणी में की गई है।
नोटिस पाने वालों में अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और उनके माता-पिता गोविंद राम केजरीवाल तथा गीता देवी शामिल हैं। ये सभी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र से संबंधित 110 मतदाताओं की सूची में शामिल हैं, जिन्हें सत्यापन के लिए नोटिस जारी किया गया है।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस का मतलब तत्काल मतदाता सूची से नाम हटाना नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के विवरण पिछली एसआईआर सूची से मैप नहीं हो पाए हैं, उन्हें सत्यापन और दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के लिए नोटिस दिया जा रहा है। अंतिम मतदाता सूची नवंबर में प्रकाशित की जानी है।
आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के नाम मतदाता सूची की प्रक्रिया में कैसे प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर के तहत सभी संबंधित मतदाताओं के विवरण का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जा रहा है। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है।
