
टीएमसी का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज राजनीति
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नाम और चुनाव चिन्ह को चुनाव आयोग द्वारा फ्रीज किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी का प्रतीक बताया और इसे भारत के लोकतांत्रिक पतन का संकेत करार दिया। राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह एक ऐसा पैटर्न है जो बार-बार दोहराया जा रहा है पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं और फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है। गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि जब पूरी की पूरी पार्टी ही चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना कोई हैरानी की बात नहीं है। उनके अनुसार, वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी। ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन इसके बजाय, वह उन ताकतों की मदद कर रहा है जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है, बल्कि यह हर राजनीतिक दल और हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है। दरअसल, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के लिए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को फिलहाल फ्रीज करने का आदेश दिया है। इसका अर्थ यह है कि जब तक आयोग इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं ले लेता, तब तक न तो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट और न ही ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट किसी भी चुनाव के लिए टीएमसी के नाम और पार्टी के चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल कर पाएगा। यह विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के बाद अप्रैल में टीएमसी के दो गुटों में बंटने से शुरू हुआ था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुनने को लेकर यह विवाद बढ़ा और बाद में टीएमसी के 80 में से लगभग 58 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बागी गुट का हिस्सा बन गए। दलबदल विरोधी कानून के तहत यह संख्या दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से अधिक थी। इस विभाजन के बाद, दोनों गुट टीएमसी के नाम और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहे थे। फिलहाल, आयोग ने स्थिति को देखते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया है।
