
नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से जंतर-मंतर का नाम हटाने पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समन्वयक अभिजीत दीपके ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधकर कहा कि अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा। दीपके ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बढ़ती मांग के बीच नरेंद्र मोदी सरकार उन्हें बचाने के लिए नागरिकों के खिलाफ युद्ध छेड़ रही है।
दीपके ने पोस्ट कर मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि युवाओं और पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं, इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस सांसदों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इतने जरुरी क्यों हैं कि उन्हें बचाने के लिए केंद्र सरकार हर किसी के खिलाफ युद्ध छेड़ने को तैयार है।
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर के विकल्प तलाशने और विरोध-प्रदर्शनों के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के लिए समिति गठित की थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किया गया है। इसके स्थान पर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन तीनों स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी होगी। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के तहत आया है। कॉजपा और विपक्षी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
