
10 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे डीवाई चंद्रचूड़
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ 10 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में जाते-जाते सीजेआई मदरसे सहित पांच अहम केसों पर फैसला सुनाकर जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट दिवाली की छुट्टियों की वजह से अब 4 नवंबर को खुलेगा। सीजेआई चंद्रचूड़ की बेंच को 4 से 8 नवंबर तक कई बड़े मामलों में फैसला सुनाना है। क्योंकि 9 और 10 नवंबर को शनिवार और रविवार होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट बंद रहेगा, ऐसे में डीवाई चंद्रचूड़ के लिए 8 नवंबर सीजेआई के रूप में आखिरी दिन होगा। इस तरह सीजेआई के पास पांच दिन बचे हुए हैं। सीजेआई को जिन पांच मामलों में फैसला सुनाना है, उनमें मदरसा एक्ट मामला सबसे अहम है। मदरसा एक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 22 अक्टूबर को सुनवाई करके फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट में 22 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004 को असंवैधानिक घोषित किया गया था। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के माइनॉरिटी स्टेटस को लेकर भी काफी समय से सुनवाई हो रही है। इस मामले में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की 7 जजों की पीठ ने आखिरी सुनवाई के दौरान फैसला सुरक्षित रखा था। अब देखना होगा कि सीजेआई एएमयू को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने के पक्ष में हैं या इसके खिलाफ है।
एलएमवी लाइसेंस का मामले पर फैसला सुरक्षित
एलएमवी लाइसेंस मामले में आखिरी सुनवाई 21 अगस्त को हुई थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस केस में विवाद यह है कि लाइटर मोटर व्हीकल के लाइसेंस धारकों को 7500 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले लाइट मोटर व्हीकल क्लास के परिवहन वाहन को चलाने की अनुमति है या नहीं। कोर्ट को यह तय करना है कि क्या हल्के मोटर वाहन लाइसेंस धारक को उसी कैटेगरी के परिवहन वाहन चलाने की अनुमति है या नहीं। इस मुद्दे के चलते ऐसे वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं से संबंधित बीमा दावों पर विवाद पैदा हो गया है।
दिल्ली में पेड़ों की कटाई व संपत्ति के पुनर्वितरण का मामला
दिल्ली के रिज एरिया में पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली गई थी. इसमें बताया गया था कि कैसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए पेड़ों की कटाई की गई. सीजेआई चंद्रचूड़ की बेंच को इस मामले में भी अहम फैसला सुनाना है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की नौ जजों की की पीठ संविधान के अनुच्छेद 39(बी) पर भी सुनवाई कर रही है, जो आम भलाई के लिए संपत्ति के पुनर्वितरण से संबंधित है। संपत्ति के वितरण के संबंध में कांग्रेस ने इस राजनीतिक चर्चा को शुरू किया था उसी के बाद यह मामला कोर्ट में पहुंचा था।
