
मप्र में पेंशनरों को भी मिलेगा 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता
दमोह। मप्र की डॉ. मोहन यादव सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के बाद अब पेंशनरों को भी बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने पेंशनर्स की महंगाई राहत भत्ता में वृद्धि का ऐलान किया है। प्रदेश के साढ़े चार लाख पेंशनरों को इसका लाभ एक अक्टूबर से दिया जाएगा। हाल ही में मप्र सरकार ने अपने कर्मचारियों का 4 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाया है।
प्रदेश के साढ़े 4 लाख पेंशनर को मोहन सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। पेंशनर के महंगाई राहत भत्ता में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। पेंशनरों की महंगाई राहत भत्ता 46 से 50 प्रतिशत किया गया है। 7वें वेतनमान वालों को डीआर 50 प्रतिशत और 6वें वेतनमान वालों को 239 प्रतिशत मिलेगा। गौरतलब है कि मप्र और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य में जो भी पेंशनरों को लेकर पहले फैसला लेता है, उसे दूसरे राज्य से सहमति लेनी होती है। छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्य प्रदेश से 50 प्रतिशत डीआर बढ़ाने की सहमति मांगी थी जिसे हरी झंडी मिल गई है। मध्यप्रदेश सरकार की सहमति के बाद अब एमपी के रिटायर्ड कर्मचारियों को भी सौगात दी गई है। बता दें कि मप्र की मोहन सरकार ने 28 अक्टूबर को अपने कर्मचारियों का 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाया है। इससे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50 फीसदी तक हो गया है। इसके बाद से ही पेंशनर लगातार डीआर बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
पिछली बार भी हुआ एरियर का नुकसान
मप्र के पेंशनरों को डीआर में लगातार दूसरी बार नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने जुलाई 2023 में 4 प्रतिशत डीआर दिया था, जिसे राज्य सरकार ने मार्च 2024 से दिया और पेंशनरों को आठ माह का नुकसान हुआ। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 से लाभ दिया था, जो राज्य के पेंशनरों को अक्टूबर से दिया जा रहा है। यानी 9 माह की डीआर का नुकसान यहां भी हो रहा है।
