
हाई कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक से मांगा जवाब
जबलपुर। हाई कोर्ट ने जबलपुर के पुलिस अधीक्षक से पूछा है कि विधानसभा चुनाव अंतर्गत नामांकन के दौरान जानकारी छिपाने के मामले में की गई शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने इस सिलसिले में एसपी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी राजेन्द्र तिवारी की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद अली ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पनागर विधायक सुशील तिवारी ने अपने चुनाव नामांकन में कुछ जानकारियां छिपाईं थीं और कुछ जानकारी गलत दी थीं। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत की थी। एसपी ने शिकायत को सीएसपी गढ़ा को भेजा था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। लिहाजा, हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। अधिवक्ता अली ने दलील दी कि जबलपुर विकास प्राधिकरण ने अनावेदक सुशील तिवारी को एक फ्री-होल्ड प्लाट दिया था, जिसकी जानकारी नामांकन में नहीं दी गई। उन्होंने अपने नामांकन में कृषि भूमि से आय का विवरण दिया था, जबकि वह भूमि व्यावसायिक हो गई है। इसी भांति राजेन्द्र तिवारी की संपत्ति को अपने नाम की बताकर उसका विवरण भी दिया गया था। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125-ए के तहत नामांकन में जानकारी छिपाना या असत्य जानकारी पेश करना अपराध की श्रेणी में आता है। चुनाव के बाद एक मतदाता ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष इस संबंध में आपत्ति प्रस्तुत की थी, लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया। लिहाजा, हाई कोर्ट अाना पड़ा।
