
सीएमएचओ ने की कार्रवाई, 108 जिला समन्वयक को भी नोटिस जारी
अशोकनगर । जिले के मुंगावली ब्लॉक प्रसव के लिए एंबुलेंस से ले जा रहे प्रसूता को बीच सडक़ पर उतार देने के प्रकरण को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने गंभीरता से लते हुए संबंधित एंबुलेंस चालक की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है, वहीं 108 जिला समन्वयक को भी नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल बीते सोमवार को मुंगावली ब्लॉक अन्तर्गत पठारी गांव निवासी 24 वर्षीय प्रसूता देवंती पत्नी लल्लू अहिरवार को प्रसव पीड़ा बढऩे पर एंबुलेंस से अस्पताल लाया जा रहा था। प्रसूता के परिजनो का आरोप है कि चंदेरी से सीजी 04 एनवाय 1524 एम्बुलेंस गांव पहुँची। गर्भवती व उसकी सास और आशा कार्यकर्ता को लेकर अस्पताल के लिए निकली, लेकिन खिरिया ढाबा पर आकर गाड़ी के स्टाफ ने एक हजार रुपये की मांग की और जब उन्होंने पैसा देने से मना कर दिया तो यह खिरिया ढाबा पर ही महिलाओं को उतारकर चला गया। गर्भवती महिला दर्द से सडक़ किनारे पड़ी तड़पती रही। आनन-फानन में आशा कार्यकर्ता ने सिविल अस्पताल में बीएमओ को जानकारी दी। जिसके बाद अस्पताल की एम्बुलेंस भेजकर महिला को लेकर आये। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नीरज छारी ने बताया कि 108 जिला समन्वयक को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। साथ ही जिला समन्वयक प्रदीप किशोर द्वारा 108 वाहन क्रमांक सीजी 04 एनवाय 1524 के पायलेटछोटे राजा को गंभीर लापरवाही के लिए तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है।
जा सकती थी प्रसूता की जान:
प्रसूता और उसके परिजनों के अलावा आशा को एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल ले जाते समय बीच रास्ते में दोनों कर्मियों ने एक हजार रुपये की डिमांड की थी। पैसे न देने पर प्रसूता सहित परिजनों को एंबुलेंस से बीच रास्ते उतारकर दोनों कर्मी भाग गए थे। एंबुलेंस चालक की इस बड़ी लापरवाही के कारण प्रसव पीड़ा के दर्द से कराहती महिला की जान भी जा सकती थी। जिसकी सूचना आशा कार्यकर्ता द्वारा मुंगावली बीएमओ को दी गई। मुंगावली बीएमओ द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दूसरी एम्बुलेंस भेजकर गर्भवती को सिविल अस्पताल मुंगावली में भर्ती कराकर सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव उपरांत जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है।
नहीं हुई एफआईआर:
एंबुलेंस चालक की इतनी बड़ी लापरवाही के खिलाफ सीएमएचओ द्वारा केवल सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई। जबकि इस लापरवाही के चलते प्रसूता महिला की जान भी जा सकती थी। लोगो का कहना है कि ऐसे रिश्वतखोर कर्मचारी के खिलाफ सीएमएचओ को एफआईआर दर्ज करानी चाहिए।
