अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस, मंत्री राजपूत से विवाद के बाद लापता होने का जिक्र
सागर। सागर के बहुचर्चित मान सिंह पटेल गुमशुदगी केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का नाम शामिल है लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है। फिलहाल, एसआईटी ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की है। केस 23 अगस्त 2024 को दर्ज किया गया था। इसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई है।
मान सिंह पटेल साल 2016 में लापता हो गए थे। जमीन विवाद मामले में उनके बेटे सीताराम ने तत्कालीन कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह राजपूत और उनके सहयोगियों पर पिता को गायब कराने का आरोप लगाया था। सीताराम ने सागर के सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इस एसआईटी की जांच को सुप्रीम कोर्ट ने महज दिखावा बताते हुए नई एसआईटी बनाने और उसमें दूसरे राज्यों के सीनियर आईपीएस अफसरों को शामिल कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब क्रिमिनल केस के रूप में एफआईआर दर्ज की गई है।
एसआईटी की एफआईआर में क्या
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 14 अगस्त को मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई। भोपाल देहात के आईजी अभय सिंह को इसका अध्यक्ष, सीहोर एसपी मयंक अवस्थी और पीएचक्यू में पदस्थ अनुराग सुजानिया को सदस्य बनाया गया है। सब इंस्पेक्टर संदीप खरे को एसआईटी की मदद के लिए जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने ही 23 अगस्त को यह एफआईआर दर्ज की है। इसमें लिखा है कि लापता मान सिंह के बेटे सीताराम ने सिविल लाइन थाने में शिकायत की थी कि मैं शिव विहार कॉलोनी, सागर में रहता हूं। खेती करता हूं। 21 अगस्त 2016 की रात करीब 11 बजे पिता मान सिंह ने मंदिर से वापस आकर बताया कि मेरा गोविंद सिंह राजपूत से विवाद हो गया है। 22 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे मैं और पत्नी घर पर ही थे। पिता मान सिंह पटेल घर से लगे खेत से चारा लाने की बात कर निकले। काफी देर तक नहीं लौटे। आसपास ढूंढा। लोगों से पूछताछ की। कुछ पता नहीं चला। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा डब्ल्यूपी(सीआरएल) 108/2023 ओबीसी महासभा विरुद्ध मप्र शासन एवं अन्य में 6 अगस्त 2024 को आदेश दिया। इसकी कॉपी 21 अगस्त को मिली है। इसी आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 365 के तहत केस दर्ज किया गया है।
गोविंद सिंह पर लगाया था पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप
मान सिंह के बेटे सीताराम पटेल ने गोविंद सिंह राजपूत पर अपने पिता की गुमशुदगी और उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। इस मामले में ओबीसी महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सीताराम पटेल ने दावा किया था कि उनके पिता अगस्त 2016 में उस समय लापता हो गए, जब उन्होंने राजपूत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत सागर जिले में उनकी पुश्तैनी जमीन पर राजपूत और उनके साथियों द्वारा अवैध कब्जा और निर्माण से संबंधित थी। सीताराम ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें चुप कराने और संपत्ति पर कब्जा करने के लिए उनके पिता को गायब कराया गया था। स्थानीय प्रशासन और सीएम हेल्पलाइन को कई बार शिकायत करने के बावजूद मान सिंह का पता लगाने के लिए ठोस पुलिस कार्रवाई नहीं की गई।
