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रोहित साहू

हटा /– दमोह जिले के हटा सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाए व्याप्त है। मरीज परेशान हताश और लाचार है। डाक्टरो की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी ही आलम हटा सिविल अस्पताल का है जो भगवान भरोसे चल रहा है। बुधवार को हटा अस्पताल के विरोध में सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर गए। दरअसल सिविल अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं डॉक्टरों की कारगुजारियों से परेशान सैकड़ो युवाओ और महिलाओं ने मिलकर हाथो में काले झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वही सैकड़ो लोगो ने एसडीएम कार्यालय पहुचकर सिविल अस्पताल में सालो से पदस्थ डाक्टरो पर कार्यवाही की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सोपा। दरअसल बीती दिनों शास्त्री वार्ड निवासी संभू शर्मा की सर्पदंश से मौत हो गई थी। जिसके बाद उनके बेटे शुभम शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सिविल अस्पताल में पदस्थ डाक्टरो पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था और डाक्टरो पर कार्यवाही की मांग थी। जिससे नाराज डाक्टरो ने उन पर ही हटा थाने मे रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जिससे गुस्साए शुभम शर्मा ने हटा के नगरवासियों से डाक्टरो के खिलाफ विरोध दर्ज कराने का आग्रह किया तो सैकड़ो आक्रोशित युवाओ एव महिलाओं ने मिलकर हाथो में डाक्टरो की तानाशाही नही चलेगी के स्लोगन की तख्तियां लेकर सड़को पर उतरकर सिविल अस्पताल में पदस्थ डाक्टरो का विरोध किया हाथो में काले झंडे लेकर जमकर नारेबाजी की।

शुभम शर्मा का आरोप है कि हटा सिविल अस्पताल में पदस्थ डाक्टर अपने पदीय कर्तव्यों की अवहेलना कर रहे हैं। डॉक्टर्स एएनएम से लेकर स्टाफ कभी भी समय से ड्यूटी नही करते जिससे मरीजो को आए दिन यहाँ वहां भटकने मजबूर होना पड़ता है। डॉक्टर्स आए दिन अपनी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। नाइट ड्यूटी के दौरान डॉक्टर एवं स्टाफ रूम को अंदर से बंद करके सोते हुए देखे जाते हैं जो दरवाजे खटखटाने पर भी नही उठते मरीजो का हाल भगवान भरोसे है। मेरे पिता के मौत के जिम्मेदार हटा अस्पताल के डॉक्टर है। रात्रि में सर्पदंश से पीड़ित में अपने पिता को इलाज कराने अस्पताल लेकर गया। ड्यूटीरत डॉक्टर अपने रूम में सोते रहे काफी देर के बाद वह वा मुश्किल जागे और उन्होंने बिना कोई प्राथमिक उपचार के ही मेरे पिता को दमोह रेफर कर दिया जिससे इलाज में देर होने से उनके पूरे शरीर में जहर फैल गया और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। यदि उन्हें हटा सिविल अस्पताल में समय पर समुचित इलाज मिलता तो आज वह जीवित होते। मेरे ऊपर डॉक्टर अनंत कुमार के द्वारा हटा थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है मेरे भाई के ऊपर भी झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

वही प्रदर्शन कर रहे सैकड़ो लोगो ने हटा सिविल अस्पताल की अव्यवस्थाओ को लेकर सवाल खड़े किए। लोगो ने कहा कि डाक्टर ओपीडी में नही बैठ रहे हैं। वह अपनी मनमर्जी से ड्यूटी कर रहे हैं। जिसका खामियाजा मरीजो को अपनी जान गवाकर चुकाना पड़ रहा है। वही महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम राकेश मरकाम एव तहसीलदार प्रवीण त्रिपाठी को दिए गए ज्ञापन में डॉक्टर ओपीडी में नियमित रूप से बैठे डॉक्टर सप्ताह में मात्र एक ही दिन ड्यूटी कर रहे हैं जिसकी जांच निगरानी कर उनका वेतन काटा जावे निजी क्लीनिक की जांच की जावे। मरीजों की पूरी जांच अस्पताल में ही हो एक्सरे सुविधा बहाल की जाए। सीसीटीवी कैमरे की जांच कर घटना की तत्समय ड्यूटी डॉक्टर पर प्राथमिक दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सोपा। दिए गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि तीन दिन के भीतर मांगे पूरी नहीं हुई तो शांति पूर्ण ढंग से हटा बंद का आव्हान किया जाएगा। इस दौरान सैकड़ो प्रदर्शनकारियों की उपस्थिति रही।

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