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लोकायुक्त पुलिस ने जांच रिपोर्ट में प्राधिकरण के अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
बैंगलुरु। मैसूरु विकास प्राधिकरण (मुडा) के भूखंड आवंटन मामले में लोकायुक्त पुलिस ने जांच रिपोर्ट में सीएम एन. सिद्धारमैया और उनके परिवार की किसी भी प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भूखंड आवंटन में अनियमितताएं और त्रुटियां मुडा के अधिकारियों की ओर से हुई हैं। जांच में सीएम द्वारा पद और अधिकारों के दुरुपयोग के सबूत नहीं मिले हैं। उनके परिवार के सदस्य, विशेषकर उनकी पत्नी को भूखंड आवंटन में कोई अनुचित लाभ देने की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच में भूखंड आवंटन में त्रुटियों के लिए प्राधिकरण के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। जांच में पाया कि अधिग्रहित भूमि को कृषि भूमि में परिवर्तित करने और भूखंड आवंटन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया। सीएम सिद्धारमैया की पत्नी को 14 भूखंडों का आवंटन प्रक्रिया में हुई त्रुटियों के कारण हुआ, जिसे मुडा अधिकारियों की प्रशासनिक लापरवाही बताया गया है।
लोकायुक्त पुलिस ने लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक को स्टेटस रिपोर्ट सौंप दी है। मामले की जांच के दो चरण पूरे हो चुके हैं। जनप्रतिनिधि विशेष अदालत ने इस मामले में 25 दिसंबर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुडा के भूखंड आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों ने सीएम सिद्धरामैया पर सवाल उठाए थे। यह मामला तब चर्चा में आया जब आरोप लगे कि सीएम के परिवार को भूखंड आवंटन में विशेष लाभ दिया गया है।
सीएम सिद्धारमैया के समर्थकों ने जांच रिपोर्ट का स्वागत करते हुए इसे विपक्षी दलों द्वारा रचा गया राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। विपक्ष ने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए जांच को और विस्तृत करने की मांग की है। यह रिपोर्ट सीएम के लिए राहत की खबर मानी जा रही है, लेकिन 25 दिसंबर को अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

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