हाई कोर्ट ने नगर पालिका व परिषदों में अविश्वास प्रस्ताव पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया


जबलपुर। हाई कोर्ट ने नगर पालिका व परिषदों में अविश्वास प्रस्ताव पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि नया अध्यादेश, जो अविश्वास प्रस्ताव के लिए तीन साल की बाध्यता और 75% बहुमत तय करता है, सभी लंबित मामलों पर लागू होगा। इसी फैसले के तहत, हाई कोर्ट ने नगर पालिका दमोह की अध्यक्ष मंजू राय के खिलाफ पारित अविश्वास प्रस्ताव को भी निरस्त कर दिया। पहले अविश्वास प्रस्ताव के लिए दो तिहाई बहुमत और चुनाव के बाद दो साल की बाध्यता जरूरी थी। लेकिन पिछले माह राज्य सरकार ने अध्यादेश लागू कर इसे 75% बहुमत और तीन साल कर दिया। अब जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने कहा कि नया कानून सभी लंबित प्रकरणों पर लागू होगा। सभी कलेक्टरों को इस आदेश की प्रति भेजी जाएगी। बता दें कि दमोह नगर पालिका की अध्यक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने बताया कि राय 5 अगस्त 2022 से अध्यक्ष पद पर हैं। दो साल पूरे होते ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। नया कानून लागू होने के बाद प्रस्ताव वापस लिया जाना चाहिए।
