
इन्दौर । सीबीआई के विशेष न्यायाधीश गिर्राजप्रसाद गर्ग की कोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत बुनकर सेवा केंद्र के असिस्टेंट राजीवकुमार सिन्हा निवासी अग्रसेन चौराहा को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास और चार हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी को अपने ही केन्द्र के एक अस्थायी कर्मचारी से उसे स्थायी कराने के नाम पर उससे रिश्वत लेते सीबीआई ने रंगेहाथों पकड़ा था। प्रकरण सुनवाई में सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक गुफरान अहमद ने पैरवी की। प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि आरोपी सिन्हा बुनकर सेवा केंद्र इंदौर में सहायक के पद पर पदस्थ था। बुनकर सेवा केंद्र में ही फरियादी पवनकुमार मल्टीटास्किंग स्टाफ के रूप में अस्थायी रूप से कार्यरत था। उससे स्थायी कराने के नाम पर आरोपी सिन्हा ने दस हजार रुपए मांगे। इसकी शिकायत उसने सीबीआई में की। 5 मई 2017 को सीबीआई की टीम ने बुनकर सेवा केंद्र पोलोग्राउंड से आरोपी को तीन हजार रुपए लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया, जिसमें दोषी पाते हुए उसे उक्त सजा सुनाई गई।
