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अग्रिशमन सेवा हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन आदि जैसी आवश्यक सेवाओं की सूची प्रदर्शित करना तथा छात्रों को इनके बारे में जानकारी देनी होगी

दमोह : जिला प्रशासन द्वारा जिले में संचालित कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी का निरीक्षण 31 जुलाई 2024 को किया गया, निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर, शासन के निर्देशों के अनुसार न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा दिए गए थे। जिला प्रशासन द्वारा 05 सितम्बर 2024 को पुनः निरीक्षण किया गया, जिसमें आवश्यक संसाधनों की कमी पाई जाने पर संबंधित कोचिंग सेंटर/लाइब्रेरी संचालको के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई।      दिल्ली में संचालित कोचिंग सेंटर में माह जुलाई 2024 में घटित घटना की पुनरावृत्ति जिला दमोह में न हो, इस उद्देश्य से कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कानून व्यवस्था, लोकहित एवं लोक स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुये दमोह जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों एवं कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए निर्देश जारी किये है। उक्त दिशा-निर्देश उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनवरी 2024 में कोचिंग संस्थानों के विनियमन हेतु जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में जारी किये गये है।

कोचिंग/कोंचिग संस्थान से तात्पर्य

            ‘कोचिंग’ से तात्पर्य किसी शाखा में 50 से अधिक संख्या में छात्रों को प्रदान किए जाने वाले ट्यूशन, निर्देश और मार्गदर्शन से है, लेकिन इसमें परामर्श, खेल, नृत्य, रंगमंच सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल नहीं है।  ‘कोचिंग संस्थान’ से तात्पर्य है किसी व्यक्ति द्वारा स्थापित, संचालित या प्रशासित संस्थान जहाँ 50 से अधिक छात्रों हेतु किसी विद्यालय, महाविद्यालय अथवा विश्वविद्यालय स्तर पर किसी अध्ययन कार्यक्रम या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग अथवा छात्रों को शैक्षिक सहायता प्रदान की जाती है। सार्वजनिक पुस्तकालय से अभिप्रेत है, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार से सहायता प्राप्त कर रहे अन्य संगठन द्वारा स्थापित अनुरक्षित और प्रबंधित एवं जनता के लिये खुला घोषित कोई पुस्तकालय तथा उसमें सम्मिलित है, राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा मान्यता प्राप्त कोई अन्य पुस्तकालय। दमोह जिले में बहुत सारे कोचिंग एवं कोचिंग संस्थान लाईब्रेरी/स्टडी सेंटर के नाम से संचालित है। अधिकांश सेंटर खण्ड विभाजन कर बच्चों को पढ़ने के लिये सशुल्क सुविधा देते है। उक्त सेंटर्स कोचिंग एवं कोचिंग संस्थान की परिभाषा में आते है, न कि पुस्तकालय/ लाईब्रेरी की।

पंजीयन

            इस संबंध में कलेक्टर श्री कोचर ने कहा है वही व्यक्ति कोचिंग की स्थापना, संचालन, प्रबंधन, एवं रख-रखाव कर सकता है, जिसने दिशा-निर्देशों के अनुरुप संस्था का पूर्व पंजीकरण कर लिया हो। पंजीयन की प्रक्रिया वही होगी जो उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनवरी 2024 में कोचिंग संस्थानों के विनियमन हेतु जारी दिशा-निर्देशों/नियमों में वर्णित की गई है। जिले के समस्त ‘कोचिंग’ एवं ‘कोचिंग संस्थानों’  को उक्त पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।

न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं

            उन्होंने कहा है कोचिंग संस्थान को अपनी मूल संरचना के अंतर्गत एक कक्षा/बैच में प्रत्येक छात्र के लिए न्यूनतम 01 वर्ग मीटर क्षेत्र आवंटित करना होगा। नामांकित छात्रों की संख्या के समानुपात में पर्याप्त बुनियादी ढांचा होगा। कोचिंग संस्थान के भवन में अग्नि सुरक्षा कोड, भवन सुरक्षा कोड एवं अन्य मानकों का पालन करना होगा तथा सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयुक्त अधिकारियों से अग्नि और भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। छात्रों की सहायता हेतु कोचिंग संस्थान में प्राथमिक चिकित्सा किट और चिकित्सकीय सहायता/उपचार की सुविधा रखनी होगी। अस्पताल, आपातकालीन सेवाओं के लिए चिकित्सक, पुलिस हेल्पलाइन विवरण, अग्रिशमन सेवा हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन आदि जैसी आवश्यक सेवाओं की सूची प्रदर्शित करना तथा छात्रों को इनके बारे में जानकारी देनी होगी।

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