संभागायुक्त को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश

जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यामूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने कलेक्टर के नियम-विरुद्ध आदेश को मंजूरी दिए जाने के मामले में जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में संभागायुक्त को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा है। मामले की अगली सुनवाई में स्पष्टीकरण पर गौर करके आगामी दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। याचिकाकर्ता बालाघाट निवासी मिलन तिवारी की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी व विशाल यादव ने दलील दी कि बालाघाट जिले में पदस्थ कनिष्ठ अपूर्ति अधिकारी मिलन तिवारी के विरूद्ध बालाघाट कलेक्टर ने पहले उन्हें बिना कारण बताए नोटिस दिए और छह माह के लिए नौकरी से निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं उसके बाद मनमाने तरीके से जांच प्रतिवेदन बना कर संचीय प्रभाव से उनकी दो वेतनवृद्धि रोक दी। जबकि विधि स्थापित कानून की दृष्टि से कलेक्टर जिले में पदस्थ तृतीय वर्ष कर्मचारी को कलेक्टर सिर्फ लघु दंड (माइनर पेनाल्टी) लगा सकते है। मेजर पेनाल्टी (प्रमुख दंड) लगाने का अधिकार कलेक्टर को नहीं है। कलेक्टर के आदेश के विरुद्ध याचिकाकर्ता संभागीय कमिश्नर जबलपुर के यही अपील प्रस्तुत की। जिसमें कमिश्नर ने एक नवंबर, 2023 को बिना नियम काननू पर विचार किए हुए कि कलेक्टर को मेजर पेनाल्टी करने का अधिकार नहीं है। अनुमोदित करते हुए आवेदक की अपील निरस्त कर दी, जिस पर हाई कोर्ट की शरण ली गई है।
