
अशोकनगर। प्रधान जिला न्यायाधीश प्रकाश चन्द्र आर्य की अध्यक्षता में मंगलवार को संविधान दिवस के अवसर पर न्यायालय परिसर में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई। जिसमें समस्त न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारीगण ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया तथा शपथ ली कि वे भारतीय संविधान की अक्षुण्णता को बनाये रखने हेतु सदैव प्रयासरत रहेंगे।
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश प्रकाश चन्द्र आर्य ने भारतीय संविधान के बनने से पूर्व की रूपरेखा, प्रक्रिया तथा संविधान सभा के सदस्यों द्वारा भारतीय संविधान के निर्माण में किये गये अथक परिश्रम को रेखांकित करते हुए भारतीय संविधान की विशेषताओं तथा मौलिक कर्तव्य एवं मूल अधिकारों के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक प्रणाली के महत्व को भी रेखांकित किया गया और यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया कि हर नागरिक को न्याय तक समान पहुँच मिले। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी अधिवक्तागण एवं न्यायिक कर्मचारियों और नागरिकों से संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने और भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए कृतसंकल्पित रहने का आह्वान किया। साथ ही संविधान दिवस के अवसर पर विधि महाविद्यालय में संविधान की प्रस्तावना के वाचन समस्त न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, विधि महाविद्यालय के प्राचार्य, प्रोफेसर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विधि महाविद्यालय में प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।
